Governer Ram Naik

राजधानी लखनऊ में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी- 2 उद्घाटन रविवार सुबह 11 बजे केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया। उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह का स्वागत किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गृह मंत्री अमित शाह ने 65 हजार करोड़ के निवेश की 290 परियोजनाओं की नींव रखी।

राज्यपाल ने पुस्तक के शीर्षक ‘प्रयागराज: दैट वाॅज इलाहाबाद-रिट्ररोस्पेक्ट एण्ड प्रोस्पेक्ट’ की सराहना करते हुये कहा कि पुस्तक का नाम अपने आप में कालचक्र के परिवर्तन का सूचक है। प्रयाग, प्रयागराज एवं इलाहाबाद केवल नाम नहीं हैं बल्कि अपने आप में इतिहास को समोये हुये है।

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज एरा मेडिकल कालेज जाकर वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक साहब की कुशलक्षेम जानी। मौलाना कल्बे सादिक काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं।

आगामी 22 जुलाई को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले राज्यपाल रामनाईक अपने पूरे कार्य का व्यौरा देंगे। नाईक ने पांच साल पहले 22 जुलाई 2014 को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ली थी।

विश्वविद्यालय में शैक्षिक कलैण्डर घोषित न होने के कारण न तो समय से प्रवेश होता था और न ही परीक्षाएं व परिणाम समय पर घोषित हो पाते थे। इससे दीक्षांत समारोह भी समय से नहीं हो पाता था, जिससे छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने में बाधा आती थी।

राजभवन के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल नाईक 17 अप्रैल को चिकित्सीय जांच हेतु एसजीपीजीआई में भर्ती हुए थे। चिकित्सकों ने एहतिहात के तौर पर ‘पेसमेकर’ लगाने की सलाह दी थी।

मैंने बाबासाहब के सही नाम डाॅ0 भीमराव रामजी आंबेडकर लिखने के संबंध में पहल की। लिखा-पढ़ी में तो इसे सुधारा जाना आवश्यक था ही परन्तु जनमानस में प्रचलित गलत नाम विस्मरण होकर सही नाम का प्रयोग हो, इसके लिये जन-जागृति लाने की भी आवश्यकता थी। यह दो बातें मुझे आजीवन स्मरण रहेंगी। जो भी इन दोनों बातों का ध्यान करेगा, वह मुझे जरूर याद रखेगा।’

राज्यपाल ने कहा कि किस पार्टी अथवा दल को मतदान करना है यह जनता का अधिकार है परन्तु मतदान अवश्य करें जिससे विश्व में भारत की सबसे बड़ी एवं सफल लोकतंत्रात्मक व्यवस्था का संदेश जायेगा।

राजभवन में विभिन्न रंगों एवं प्रजातियों के गुलाब की सुन्दर वाटिका है जो गुलाब वाटिका कहलाती है। राजभवन में रूद्राक्ष, कल्पवृक्ष, सीता अशोक, सिन्दूर, कृष्ण वट तथा चन्दन के दुर्लभ वृक्ष भी लगे हैं। राजभवन के कुछ चिन्हित स्थलों पर संगमरमर की खूबसूरत मूर्तियों भी स्थापित हैं जो इसकी शोभा को और अधिक बढ़ा देती हैं।