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मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद मध्य प्रदेश के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है जिसमें 6 मंत्री भी शामिल हैं। अब कमलनाथ सरकार का जाना तय माना जा रहा है। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई।

यस बैंक संकट के बाद अब कई और भी ऐसे बैंक हैं इन पर सरकार और आरबीआई की नजर है। सरकार इन बैंकों की लोन हिस्ट्री और लेन देन पर निगरानी कर रही है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को यूपी में हुई ओलावृष्टि की आपदा पर राज्य सरकार का रवैये को उदासीन और उपेक्षापूर्ण करार देते हुए कहा है कि भाजपा सरकार किसान को तुरंत अंतरिम राहत देने के बजाए फसल को हुए नुकसान के आंकलन का बहाना ढूंढ रही है।

पिछले काफी दिनों से आटो सेक्टर अपने बुरे दौर से गुजर रहा है। बीते एक साल से देश के ऑटो सेक्टर में लगातार संकट का दौर देखने को मिला है।

सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ भारत आ रहे हैं।  यहां उनके भव्य स्वागत के लिए तैयारियां जोरो पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहली बार भारत दौरे पर आ रहे हैं।

एनपीआर न लागू होने पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए डॉक्टर शर्मा ने कहा कि सरकार एनपीआर लागू कराना जानती है इसका विरोध करने वालों को हतोत्साहित होना पड़ेगा ।

वोडाफोन-आइडिया ने समायोजित सकल आय (एजीआर) बकाए को लेकर दूरसंचार विभाग को एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इससे पहले 17 फरवरी 2020 को भी कंपनी ने 2,500 करोड़ रुपये जमा किए थे।

डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने हाल ही में स्मॉल सेविंग स्कीम्स में हुए कई बदलावों के बारे में जानकारी दी है इन्हीं स्मॉल सेविंग स्कीम्स में से एक है पब्लिक प्रोविडेंट फंड, जिसके नियमों में भी कई तरह का बदलाव किया गया है. डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स द्वारा किए गए इस बदलाव का सबसे अधिक असर पीपीएफ (PPF) और नेशनल सेविंग स्कीम्स पर पड़ने वाला है।

मोदी सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की लाभार्थी प्रेग्‍नेंट महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। अब सरकार ईएसआईसी के नेटवर्क से बाहर के अस्पतालों में इलाज कराने वाली लाभार्थी महिलाओं को 50 प्रतिशत अधिक रकम देगी।

अर्थव्यवस्था में मंदी को दूर करने के लिए सरकार ने जो प्रयास किए हैं वो आर्थिक आंकड़ों के अनुसार काफी नहीं हैं। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इकोनॉमी को बूस्‍ट देने के लिए जरूरत पड़ने पर सरकार बजट की घोषणाओं के अलावा और भी कदम उठाने को तैयार है।