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कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन के आदेश के बीच उत्तर प्रदेश में सरकार ने शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया रोक दी है। सरकार के बेसिक शिक्षा परिषद ने ने आज इस बाबत आदेश जारी किया। परिषद की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया है।

कोरोना से पीड़ित मरीजों के इलाज में सहायक दिखे हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन केमिकल का निर्यात बंद कर दिया गया है। यही नहीं, इस रसायन से बने अन्य फॉर्मूलेशन का निर्यात भी प्रतिबंधित किया गया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनता कर्फ्यू पर एडवाइजरी जारी की है। 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' के मद्देनजर लखनऊ मेट्रो रेल ने अपनी सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है।

कोरोना वायरस यानी कोविड-19 की वैक्सीन या फिर कोई इलाज नहीं मिल पाया है। लेकिन अच्छी बात ये है कि अपनी सूझ बूझ से इससे बच सकते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन से लेकर भारत और दुनिया में हर जगह इसे लेकर गाइड-लाइन और एडवाइजरी जारी हो रही है।

केंद्र सरकार का डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर जोर है। इसको बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिल ने मिलकर नई योजना बनाई है। इसके तहत अब डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को प्रोत्साहित करने के लिए लकी ड्रॉ निकालने का एलान किया है।

प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वित्तीय प्रतिबंध लगा दिया है। RBI ने ये फैसला सरकार से चर्चा करने के बाद लिया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर प्रसारित फेक न्यूज और नफरत भरे बयानों को हटाने को लेकर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इसके साथ कोर्ट ने गूगल इंडिया, फेसबुक और ट्विटर से भी जवाब मांगा है।

मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद मध्य प्रदेश के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है जिसमें 6 मंत्री भी शामिल हैं। अब कमलनाथ सरकार का जाना तय माना जा रहा है। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई।

यस बैंक संकट के बाद अब कई और भी ऐसे बैंक हैं इन पर सरकार और आरबीआई की नजर है। सरकार इन बैंकों की लोन हिस्ट्री और लेन देन पर निगरानी कर रही है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को यूपी में हुई ओलावृष्टि की आपदा पर राज्य सरकार का रवैये को उदासीन और उपेक्षापूर्ण करार देते हुए कहा है कि भाजपा सरकार किसान को तुरंत अंतरिम राहत देने के बजाए फसल को हुए नुकसान के आंकलन का बहाना ढूंढ रही है।