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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से हुए बदलाव के बाद आज लद्दाख का भी इतिहास बदल रहा है। गुरुवार से लद्दाख अब केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। इसके साथ ही राज्य को अपने ही नए उपराज्यपाल भी मिले हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सालयों के निरीक्षण के दौरान कुछ रोगियों द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया कि उनसे इलाज के पैसे मांगे जाते है। साथ ही उन्होंने इसे चिन्तनीय और निन्दनीय बताते हुए कहा कि गलती एक की होती लेकिन बदनामी पूरे संस्थान की होती है। चिकित्सालय प्रशासन को इस बात पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

जम्मू और कश्मीर से बड़ी खबर आ रही है, खबर है कि जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का स्थानातंरण किया गया है, उन्हें गोवा का राज्यपाल बनाया गया है। इसके साथ ही आपको बता दें कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए जम्मू और कश्मीर को उपराज्यपाल मिल गया है।

उत्तराखंड में राज्यपाल की वीआईपी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी गाड़ी दुर्घटनाग्रसत हो गई। नैनीताल में राज्यपाल की वीआईपी ड्यूटी पर तैनात काठगोदाम थानाध्यक्ष की गाड़ी खाईं में गिर गई।

पाकिस्तान को लगता है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके), जो भारत का हिस्सा है, उनका है। वे डरे हुए हैं कि भविष्य में, पीओके भारत में आ जाएगा। यह हमारा संकल्प है, हमें पीओके वापस मिल जाएगा।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज लखनऊ के छावनी परिसर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र एवं वृद्धाश्रम, बलरामपुर अस्पताल तथा हजरतगंज थाने का भ्रमण किया।

उत्तर प्रदेश के घोसी से विधायक रहे फागु चौहान अभी हाल ही में बिहार का राज्यपाल बनाए गए हैं। सब जानते हैं कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और उसकी एक गरिमा होती है।

जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांटने और आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने संबंधी विधेयक संसद में बहुमत से पारित हो गया है। मोदी सरकार ने इस विधेयक को पहले राज्यसभा और बाद लोकसभा में पेश किया था।

उसकी अपेक्षा यदि कोई पुस्तक या खाद्य वस्तु आदि हो तो वह जरूरतमंद बच्चों को भी भेजी जा सकती है। इससे पूर्व भी वे राजभवन मध्य प्रदेश में खाद्य वस्तुओं एवं किताबों को अनाथालय, वृद्धाश्रम और मलिन बस्तियों के बच्चों को उपहार स्वरूप भेजती रही हैं।