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मानसून ने अब अपनी रफ्तार पकड़ ली है। कई राज्यों में इतनी ज्यादा बारिश हो गई, जिससे लोगों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही भारी बारिश के अलावा आसमानी बिजली ने इस बार शुरूआती दौर से ही अपना प्रचंड रूप दिखाया है।

अनोखे अंदाज में राम कथा सुनाने के लिए मोरारी बापू को पूरी दुनिया में जाना जाता है। वे हमेशा चर्चा में बने रहते हैं मगर इन दिनों उनकी चर्चा कुछ दूसरे कारणों से हो रही है। उसके लिए उन्होंने माफी मांग ली है।

गुजरात के कच्छ में दोपहर 12.57 बजे फिर भूंकप का झटका महसूस किया गया जिसकी तीव्रता 4.5 आंकी गई है । इसके पहले गुजरात के राजकोट शहर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 

एक पिता अपने बेटे की रहस्यमयी हत्या के विरोध में और इंसाफ पाने के लिए यह कदम उठाया है। बता दें कि यह मामला बनासकांठा जिले का है। आदिवासी समाज में इंसाफ न मिलने तक शव का अंतिम संस्कार न करने की परंपरा है जिसे ‘चढ़ोतरू’ कहा जाता है।

देश के ऊपर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ कोरोना महामारी और दूसरी तरफ चक्रवाती तूफान। खतरा मंडरा रहे चक्रवाती तूफान निसर्ग के गुजरात राज्य में पंहुचने से पहले ही वलसाड और नवसारी जिलों में पड़ने वाले तटीय इलाकों को खाली करवा लिया गया है।

गुजरात के कैम्बे तट स्थित स्तंभेश्वर महादेव मंदिर के बारे में। यह चमत्कारी मंदिर पूरे दिन भर में दो बार समुद्र में समां जाता है। इस अद्भुत आस्था के चमत्कार को देखने के लिए पूरे देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं।

गांव से कुछ दूर पर ही गिर गढड़ा से उना के रास्ते में 4 बब्बर शेरों ने गाड़ी का रास्ता रोक लिया। एम्बुलेंस के सामने अचानक शेरों का झुण्ड आने से सब डर गए

डॉ गुलेरिया ने 8 मई को कहा था नए मामलों की रोज बढ़ती संख्‍या के आधार पर ऐसा लगता है कि देश में ये वैश्विक आपदा जून और जुलाई में अपने पीक पर पहुंचेगी।

गुजरात के अहमदाबाद से बड़ी खबर आ रही है। अहमदाबाद के साबरमती इलाके की झोपड़पट्टी में सोमवार दोपहर को भीषण आग लग गई।

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन को एक महीने से ज्यादा समय हो गया है। ऐसे में देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए मजदूरों को...