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इस योजना के अनुसार, फिलहाल काम दाहोद जिले की पांच तहसीलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यहां से कई कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन सभी को 1-1 मुर्गा और 10-10 मुर्गियां प्रदान की जाएंगी।

मायावती ने कहा कि दलित समाज के लोग सरकारी दया और सहानुभूति के भूखे नहीं हैं। वे अपने संवैधानिक व कानूनी हक को ज़मीनी सच्चाई में बदलता हुआ देखना चाहते हैं। गुजरात के ऊना के दर्दनाक काण्ड के बाद दलित अपने आत्मसम्मान व स्वाभिमान के लिए संघर्षरत हैं। गुजरात सरकार दलितों के इस संघर्ष के दमन पर उतारू है।