guru purnima

सीएम योगी आदित्यनाथ गुरु पूर्णिमा के दिन दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंच गए हैं। गोरखनाथ मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने बाबा गोरखनाथ का दर्शन किया।

इस पर्व पर देश विदेश से श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा कर पूण्य लाभ अर्जित करते है । लेकिन अबकी बार देश मे व्याप्त कोरोना महामारी के चलते लाखो श्रद्धालुओ की भीड़ तो परिक्रमा मार्ग में नजर आई, राधा श्याम सुंदर मंदिर के महंत एवम मुड़िया संत राम कृष्ण दास की अगुवाई में आज गुरुपूर्णिमा के पर्व पर मुड़िया सोभा यात्रा का आयोजन बड़ी धूम धाम से किया गया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

5 जुलाई को रविवार के दिन चंद्रग्रहण और गुरु पूर्णिमा एक साथ है। धार्मिक मान्यतानुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर गुरु पूजा करने की परंपरा है। रविवार को पूर्णिमा होने से इस दिन सूर्यदेव की भी करनी चाहिए। साथ ही हनुमानजी की। कहते हैं कि हनुमानजी ने सूर्यदेव से वेदों का और शास्त्रों का ज्ञान पाया था

काशी में गुरुपर्व पर गुरु पूजन के अलग भाव देखने को मिले । यहां हिन्दू गुरु का पूजन मुस्लिम महिलाओं ने किया। गंगा जमुनी तहजीब के शहर बनारस में गुरु पूर्णिमा पर्व पर सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर देखने को मिली। मुस्लिम महिलाएं पातालपुरी मठ में पहुंची और अपने गुरु का पूजन कर और आरती उतारकर साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।

लखनऊ: हम सदियों से आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा मनाते आ रहे हैं। इस बार गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई को है। ये पूर्णिमा अपने देश का टीचर्स डे है। इस दिन शिष्य गुरु का पूजन करते हैं और उन्हें गिफ्ट देते हैं। सबसे खास बात ये है कि हमारे देश में गुरु को …

साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 16 जुलाई मंगलवार को लगने जा रहा है। 16 तारीख की रात लगने वाला ये खण्डग्रास चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा और इसका प्रभाव राशियों पर भी पड़ेगा। भारत में चंद्र ग्रहण आधी रात के बाद 1.31 बजे से देखा सकेंगे। ग्रहण का मध्य तीन बजे होगा। ग्रहण का मोक्ष तड़के 4.30 बजे होगा।

लेखक:कमलेश कमल आज शिक्षक दिवस है, गुरु दिवस क्यों नहीं ? वर्ष के 365 दिन में से एक दिन शिक्षक को समर्पित कर देना भारतीय संस्कृति नहीं है; यहाँ तो पूरा जीवन ही समर्पित करना पड़ता है, हर दिन समर्पित करना पड़ता है। हाँ, विश्व शिक्षक दिवस (जो कि 5 अक्टूबर को मनाया जाता है …

लखनऊ: बोध के अभाव में पनपे अलगाव, आतंक, अस्थिरता और अव्यवस्था से जर्जरित आज का मानव समाज त्रस्त है, भयग्रस्त है। लोग आशंकित हैं कि पतन और विनाश का संजाल कहीं असमय ही उन्हें अपनी मृत्युपाश में न बांध ले। सामाजिक, राजनैतिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक सभी ओर एक-सी स्थिति है। चहुं ओर प्रश्न ही प्रश्न …