Hathras Case

रऊफ पीएफआई (PFI) की छात्र विंग का पदाधिकारी है। उसे हाल ही इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था. वह केरल की जेल में बंद था ।

कानपुर देहात के बिकरू गांव में हुए इस कांड में एक अपराधी विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ पुलिस टीम पर उस समय हमला कर दिया जब पुलिस उसके घर छापा डालने गयी थी। इस पर विकास दुबे ने फायरिंग कर दी जिसमें एक एसओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गयी।

यूपी सरकार से सिफारिश के बाद सीबीआई ने 11 अक्टूबर को इस मामले में केस दर्ज किया था और जांच शुरू की थी। सीबीआई ने हाथरस मामले में दो हजार पन्नों की चार्जशीट जिला न्यायालय में दाखिल की है।

बता दे कि हाथरस काण्ड के बाद यूपी में खुफिया एजेंसियों के अलावा हाथरस से जुड़े सभी जनपदों को अलर्ट मोड पर थी। इसी दौरान 05 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे मथुरा में मांट टोल प्लाजा पर वाहनों की चेकिंग में एक स्विफ्ट डिजायर कार (डीएल 01 जेडसी 1203) को रोका गया।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच हाथरस मामले पर आज सुनवाई पूरी की। इस दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों ने कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 नवम्बर को होगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से एक हलफनामा भी पेश किया गया।

दरअसल ये मामला हसायन विकास खंड के गांव बाण अब्दुल्लहईपुर का है। यहां के ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत के कुछ लोगों ने डीएम से कम्प्लेन की थी।

बताते चलें कि इससे पहले हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपर मुख्य सचिव गृह एडीजी ला एंड आर्डर डीएम और एसपी को तलब कर चुकी है। वहीं दूसरी तरफ सीबीआई गाजियाबाद की एंटी करप्शन ब्रांच ने इस मामले में कई अन्य धाराओं के साथ केस दर्ज कर अपनी कार्रवाई कर रही है।

गौरतलब है कि चीफ जस्टिस आफ इंडिया एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने एक जनहित याचिका और कार्यकर्ताओं तथा वकीलों की ओर से दायर कई अन्य हस्तक्षेप याचिकाओं पर 15 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

यूपी के बहुचर्चित हाथरस के बूलगढ़ी गांव में दलित युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म तथा मौत के मामले में यूपी की एसआईटी के साथ ही सीबीआई भी जांच कर रही है। इसके साथ ही इस मामलें में उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में भी जनहित याचिकायें दाखिल हुई है, जिन पर सुनवाई चल रही है। इसी मामलें में सर्वोच्च न्यायालय आज सुनवाई करेगा, जिसमे सर्वोच्च न्यायालय मामलें की जांच की निगरानी, मुकदमा चलने के स्थान और पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर निर्देश दे सकता है।

एसटीएफ ने गुरुवार देर रात हाथरस पुलिस से इस मुकदमें से जुडे़ दस्तावेज लिए है और सोशल मीडिया पर हाथरस की घटना को लेकर भड़काऊ मैसेज देने वाले अकाउंट का ब्यौरा भी इक्ठ्ठा किया है।