hathras gangrape

महागठबंधन की सरकार केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग में लगी हुई है। अपराधियों को सरकार का मौन समर्थन प्राप्त है। ऐसे में  अपराध और अपराधी बेकाबू हो गए हैं।

इन कर्मियों की निगरानी के लिए एक राजपत्रित अधिकारी भी तैनात किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पीड़ित के घर की निगरानी दौर में की जाएगी।

एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट सौंपने के बाद सीएम ने हाथरस के एसपी, सीओ समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। और फिर एसआईटी को जांच के लिए 7 दिन दिए थे। हो सकता है कि आज पीड़िता के परिवार को न्याय का मार्ग खुले।

अपर उपायुक्त ने कहा कि इस कारण कांग्रेस की गौतम बुद्ध नगर जिला इकाई के अध्यक्ष मनोज चौधरी सहित करीब चार-पांच सौ कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया तथा धारा 144 व महामारी अधिनियम का उल्लंघन किया। 

बूलगढी गांव में रविवार को समाजवादी पार्टी और राष्‍ट्रीय लोकदल के नेताओं ने पहुंचकर पीडित परिवार के सदस्‍यों से मुलाकात की। गांव से लौटकर आए नेताओं ने बताया कि पीडित परिवार के सदस्‍य योगी सरकार की कार्यशैली से संतुष्‍ट नहीं हैं।

संजय राउत ने जो तस्वीर शेयर की है उसमें एक पुरुष पुलिस अधिकारी प्रियंका गांधी के कुर्ते को कंधे के पास से पकड़े हुए नजर आ रहा है। राउत ने इस फोटो के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के सवाल किया, 'क्या योगीजी के राज में महिला पुलिस नहीं है?'

हाथरस के डीएम कह रहे हैं कि मीडिया वाले तो चले जाएंगे, लेकिन प्रशासन को यहीं रहना है। हाथरस के पीड़ित परिवार का कहना है कि उनको धमकी दी जा रही है। केस को रफा-दफा करने के लिए हम पर दवाब डाला जा रहा है।

कई लोगों ने उन्हें बर्खास्त किए जाने की मांग भी की है जबकि कुछ लोग तो इतने आक्रोश में हैं कि डीएम को भी मुआवजा देने की पेशकश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर शुक्रवार को शर्म करो डीएम हाथरस हैशटैग छाया रहा।

हाथरस पीड़िता के भाई ने पुलिस की बर्बरता की कहानी बताते हुए कहा कि हमारे परिवार को डराया धमकाया जा रहा है। परिवार वाले मीडिया से बात करना चाहते हैं लेकिन किसी को निकलने नहीं दिया जा रहा है। 

हाथरस कांड के विरोध में देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच फॉरेंसिक रिपोर्ट में कहा गयाा है कि पीड़िता का रेप नहीं हुआ था, बल्कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी।