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अब सभी पुरुषों के लिए अच्छी खबर खबर आ रही है। अब इजी तरीके से पुरुषों में इंफर्टिलिटी की समस्या के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है।

ये विटामिन और मिनरल्स से भरा हुआ है और ये शारीरिक कार्यों और विकास में सुधार करने में मदद करता है। बेसन की कढ़ी में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है।

वायु प्रदूषण के चलते शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम के कमजोर होने से प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता भी कमजोर हो जाती है। प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता कमजोर होने से हमारा शरीर बाहरी बैक्टीरिया से लड़ने में असमर्थ हो जाता है।

आज के टाइम पर अधिकतर सारी महिलाएं ही ब्रा पहनती हैं। ब्रा कपड़ो की फिटिंग के लिए हेल्प करती हैं । लेकिन कभी कभी हर समय ब्रा पहना भी हानिकारक हो सकता है। अगर आपको नहीं पता है तो जान लीजिए और आगे के लिए सतर्क हो जाए।

आज कल लड़के लड़कियां अक्सर प्यार का इजहार करने के लिए एक दूसरे को किस करते हैं। हर व्यक्ति का चुंबन करने का तरीका अलग अलग होता है। कुछ लोग फ्रेंच किस करते हैं तो कुछ लोग सिंपल लिप किस करते हैं। सभी लोगों को किस करने के बारे में तो पता होगा। लेकिन किस से होने वाली बीमारियों के बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे।

एनर्जी से भरपूर रहने के लिए के लिए एथलीट महिलाएं प्रतिदिन केले का सेवन ज़रूर करती हैं। केला मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत्र है और इसे खाने से पेट की कई बीमारियां समाप्त हो जाती है।

ग़ज़ब हैं चिलगोजा - चिलगोजे में काम शक्ति बढ़ाने की अद्भुत शक्ति है। यह अत्यधिक मर्दाना शक्तिवर्धक है। वह पुरुष जो अपने आप को नामर्द या नपुंसक महसूस करता है और उदास रहता है, नियमित रूप से बीस ग्राम चिलगोजे दो महीने खाकर मर्द बन सकता है।

प्रतिदिन के खान-पान और रहन-सहन से आज भारत का हर तीसरा शख्स थायराइड से पीड़ित है। खासकर महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिलती हैं। थायराइड अक्सर वजन बढ़ने, जोड़ों का दर्द, डिप्रेशन, दिल की बीमारी और हॉर्मोनल चेंजेज का कारण बनता है।

आजकल की थकावट भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या हमेशा बिगड़ी रहती है, जिसका असर हमारे शरीर पड़ किसी न किसी रूप में दिखने लगता है. भागम-भाग वाली दिनचर्या में अक्सर हमारे खाने की रूटीन गड़बड़ा जाती है, जिससे हमारा वजन अचानक से बढ़ जाता है या घट जाता है.

सभी महिलाओं को सुबह के खाली पेट पानी पीना  चाहिए। इससे शरीर में मौजूद विषैला पदार्थ बाहर आ जाता हैं। इससे बच्चेदानी की कार्य प्रणाली अच्छी रहती हैं। शरीर भी सेहतमंद रहता है ।