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अक्सर आप बात बात पर लोगों रोते देखते होंगे। अगर लड़का रोएं, तो कहते है कि पागल है, क्योंकि लड़के कभी रोते नहीं है। वहीं लड़कियों के रोने पर उन्हें चुप कराया जाता है। इमोशनल कहा जाता है। यहां तक की उनका नाम 'क्राई बेबी' रख देते है। माना जाता है कि जो लोग रोते है वह दिल से कमजोर होते है। समाज उसे कमजोर मानता है, लेकिन यह बिल्कुल गलत है। हर बात पर रोते है तो ये गुण है।

मन में बेवजह की चिड़चिड़ाहट, छोटी सी बात पर गुस्सा, कुछ खाने-पीने का मन न करना, अकेले रहने की जगह तलाशना, ज़रा सी बात पर रो देना, दूसरों से देखभाल की उम्मीद करना। बहुत अजीब सा मूड होता है पीरियड्स के दौरान।

कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया आतंकित हैं इस वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। अभी तक इसका कारगर इलाज नहीं निकला है। लेकिन कोरोना मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के इस्तेमाल की बात की जा रही थी लेकिन इसे लेकर वाद-विवाद का दौर जारी है।

जनस्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाएगा। इसके लिए रिफॉर्म्स किए जाएंगे। ग्रामीण स्तर पर ऐसी सुविधाएं देने की आवश्यकता है जो महामारी की स्थिति में लड़ने की क्षमता हो। इसके लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाएगा।

शरीर को डिटॉक्स करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर के अंदर जमे विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। वैसे तो हर मौसम में शरीर को डिटॉक्स करना जरूरी है लेकिन गर्मियों में शरीर को डिटॉक्स करने से ज्यादा फायदा मिलता है।

फ्री रेडिकल्स के कारण ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा होता है जो कोशिकाओं को क्षति पहुंचाने के साथ अल्जाइमर (भूलने की बीमारी), हृदय रोग और डायबिटीज जैसी कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।

"दही बनाम योगर्ट के बारे आमतौर पर लोगों को लगता है कि दोनों एक ही चीज हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ये दोनों ही डेयरी उत्पाद हैं और इनका रंग भी एक जैसा ही है। लेकिन सच यह है कि दही और योगर्ट दोनों ही न सिर्फ अलग प्रोडक्ट बल्कि इन्हें बनाने की प्रकिया और इनके स्वास्थ्य लाभ भी अलग हैं।

कुछ स्थितियों में कैंसर की कोशिकाएं व्यक्ति के पूरे शरीर में भी फैल सकती हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज के समय में कैंसर...

पहले वर्क फॉर्म होम का चलन कम था, इक्का-दुक्का कंपनियां ही वर्क फॉर होम करवाती थी । लेकिन जब से कोरोना का प्रकोप आया और लॉकडाउन होकर  लोग घरों में कैद हुए तो कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से  वर्क फॉर्म होम करवाना शुरु कर दिया है। वैसे सुनने में त अच्छा लगता है

दुनिया में फैले कोरोना के प्रकोप के बीच नेपाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की अचानक तबियत ख़राब हो गई है।