health

हर मौके पर खाए जाने वाले व्यंजनों को वैज्ञानिक महत्व के आधार पर तैयार किया जाता है। मौसम के हिसाब से पर्व बनाए गए हैं। इन मौसमों के दौरान ताप और शीत को देखते हुए सुपाच्य भोजन की व्यवस्था की गई है।

डब्ल्यूएचओ(विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार 'फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन' या जननांगों का खतना (एफजीएम) के चलते महिलाओं और बच्चियों की सेहत पर गंभीर असर हो रहा है, और इससे सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के इलाज के लिए दुनिया भर में हर साल 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर का बोझ पड़ता है।

आज-कल महिलाओं में बहुत तरीके की बीमारियां होने लगी है। अब ऐसा खान-पान मिलने लगा है, जिससे परेशानियां बढ़ने लगी है।

सर्दियों के मौसम में स्किन की प्रॉब्लम होना आम बात है। सर्दियों का मौसम आते ही कई तरह की स्किन प्रॉब्लम होनी शुरु हो जाती हैं।

आजकल  की बिजी जिंदगी में किसी के पास इतना समय नहीं है कि वो हर काम आराम से करें और परिवार के लिए समय निकालें। इसलिए इस दौर में किस समय क्या हो जाए कुछ कहां नहीं कह सकते हैं। क्योंकि कई ऐसे किस्से सुने में आते हैं जहां आदमी खड़े-खड़े गिर जाता हैं और उसकी मौत हो जाती हैं।

सर्दी का मौसम है।  और इस समय जो सर्दी है उसमें अगर खुद का और बच्चों का ध्यान नहीं रखा जाएं तो बीमारी दस्तक देना लाजिमी है।  इसलिए सर्द हवाओं वाली सर्दी में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों प्यार से संभालने की जरूरत है

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा तैयार सामाजिक बदलाव सूचकांक में भारत 82 देशों में से 76वें नंबर पर रहा।  सामाजिक बदलाव के मामले में भारत दुनिया के प्रमुख देशों में बहुत पीछे है। डब्ल्यूईएफ की 50वीं वार्षिक बैठक से पहले यह सूचकांक जारी किया गया है।

हेल्थ काउन्सिल युवा आइकान ट्विंकल कंसल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए उनके स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये।

घर में कोई बच्चा होता है तो उसका ख्याल अधिक रखा जाता है ताकी उसे कोई समस्या न हो। जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है तो उसे दूध के अलावा ऐसा क्या दें जो उसके लिए फायदेमंद है। आमतौर में घरों में मौजूद लोग बच्चों के  खाने की चीजें देने से मना करते है, लेकिन बच्चे के मुंह का स्वाद बदलने के लिए उसे खाने में नमक

ऑफिस में ज्यादा देर तक रूक कर काम करने की आदत है तो बदल दीजिए, वरना यह आदत आपको पड़ सकती है महंगी। ज्यादातर लोग अपने बॉस खुश करने के चक्कर में अपने ऑफिस टाइम के अलावा भी देर तक काम करते हैं या फिर ओवरटाइम के लिए काम करते हैं। लेकिन आपकी यह आदत …