heavy rain

सितंबर के पहले सप्ताह से मानसून विदा होने लगता है। इस बार सितंबर खत्म होने वाला है, लेकिन भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। 5 दिनों में बारिश की वजह से 34 लोगों की मौत हो गई है। 60 साल बाद मानसून इतनी देर लौटेगा।

बारिश का मौसम काफी समय से चल रहा है। लोग इसका मजा भी उठा रहे हैं। लेकिन यही मौसम ऐसा होता है जब लोग बीमार पड़ते हैं। जिस वजह से लोगों को सर्दी-ज़ुकाम हो जाता हैं। ये इंफेक्शन हमारी नाक, फेरिंजाइटिस, श्वासनलिका और साइनोसाइटिस, साइनस को प्रभावित करते हैं।

भीषण बारिश की वजह से पूरा देश परेशान है। देश के पूर्वी भागों में बारिश बढ़ने वाली हैं क्योंकि अरब सागर से पूर्वोत्तर भारत एक ट्रफ रेखा सक्रिय हुई है।

मगर ज्यादा बारिश से जलजमाव की समस्या होगी। इसकी वजह से चर्म रोग के मामले बढ़ेंगे। यही नहीं, भारी बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिसकी वजह से सर्दी के मामले बढ़ जाएंगे। इससे खांसी भी बढ़ेगी।

मगर ज्यादा बारिश से जलजमाव की समस्या होगी। इसकी वजह से चर्म रोग के मामले बढ़ेंगे। यही नहीं, भारी बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिसकी वजह से सर्दी के मामले बढ़ जाएंगे। इससे खांसी भी बढ़ेगी।

मॉनसून ने आखिरी समय में करवट बदली है। इसकी वजह से देश के कई राज्यों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति बन गई है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराशता और राजस्थान के जिले बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हैं।

वैसे भारी बारिश की वजह से देशभर के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कई जिले बाढ़ में डूबे हुए हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार में 20 सितंबर से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश के आसार हैं। ऐसे में बाढ़ आने की संभावना बढ़ गयी है।

मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है। कई राज्यों में भारी बारिश की चेतवानी जारी रही है। यूपी गंगा, यमुना समेत कई नदियों ने बाढ़ से तबाही मचा रखी है।

अगर आने वाले कुछ घंटों में ये रफ्तार कायम रही तो शहर के कई और इलाके जलमग्न हो जाएंगे। बाढ़ के हालात से निबटने के लिए एनडीआरएफ के आला अफसरों ने मोर्चा संभाल लिया है।