hindu religion

इस तरह जब हमें यह प्रमाण मिलते हैं कि रूस से लेकर रोम तक और इंडोनेशिया से लेकर अफ्रीका तक के देशों के इतिहास में कभी सनातन हिंदू धर्म वहाँ की संस्कृति का हिस्सा थी और आज जब उसके निशान वियतनाम में हाल ही में मिले शिवलिंग के रूप में सम्पूर्ण विश्व के सामने आते हैं तो गर्व होता है स्वयं के भारत की सनातन संस्कृति का हिस्सा होने पर।

शुरू से हमें सिखाया गया है कि अपने से बड़ों के चरण छूकर ही प्रणाम करना चाहिए।ये प्रथा प्रारंभ से  चली आ रही है। इसके पीछे अध्यात्मिक व वैज्ञानिक कारण छुपा है। इस परंपरा के पीछे कई कारण मौजूद हैं

नारियल को संस्कृत में श्रीफल कहा जाता है। हिंदू धर्म में देवी देवताओं की मूर्ति के सामने नारियल फोड़ने का रिवाज बहुत पुराना है। ज्यादातार धार्मिक संस्कारों में नारियल को रखा जा सकता है। कोई भी काम का शुभारंभ हो नारियल जरूर फोड़ा जाता है।

सनातन परंपरा में श्रावण मास में की जाने वाली कांवड़ यात्रा का बहुत महत्व है। हर साल लाखों श्रद्धालु सुख-समृद्धि की कामना लिए इस पावन यात्रा के लिए निकलते हैं।

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि यानी कि 04 जुलाई 2019 को भगवान जगन्नाथपुरी की रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भी होते हैं। हर साल इस यात्रा में भाग लेने के लिए देश विदेश से लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं।

हिमालय की गोद में स्थित अमरनाथ हिंदुओं का सर्वाधिक आस्था वाला पवित्र तीर्थस्थल है। पवित्र गुफा श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में 135 किलोमीटर दूर समुद्र तल से 14 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर है।

गंगा दशहरा के बाद आने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन मान जाता है। क्योंकि इस दिन आपको भोजन के साथ पानी का भी त्याग करना पड़ता है।

मैत्रायणी संहिता में नारद को आचार्य के रूप में सम्मानित किया गया है। कुछ स्थानों पर नारद का वर्णन बृहस्पति के शिष्य के रूप में भी मिलता है। अथर्ववेद में भी अनेक बार नारद नाम के ऋषि का उल्लेख है। भगवान सत्यनारायण की कथा में भी उनका उल्लेख है।

स्वरा ने दिया कि मुझे ढोंगियों से डर नहीं लगता। मुझे नहीं लगता कि भगवा धारण करने से आपके अंदर कुछ खास शक्ति आ जाती है। ये हिंदू धर्म और आस्था के साथ खिलवाड़ है।

लखनऊ : हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्त्व है। इसकी नियमपूर्वक पूजा करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है वहीं तुलसी पत्तों का उपयोग अनेकों औषधियों में किया जाता है। धर्म ग्रंथों में तुलसी के अनेकों ऐसे उपाय बताएं गए है जिनको करने से सभी बाधाएं दूर होती है और …