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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शताब्दी पर एक ‘‘टाइम कैप्श्यूल‘‘ (संपुट) विक्टोरिया फाटक के पास जमीन में तीस फिट नीचे गाड़ा गया। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2021) पर यह समारोह हुआ। कुलाधिपति मियां तारीक अंसारी ने गाड़ा था।

15 अगस्त, 1942 को जब महादेव देसाई का असमय निधन हुआ। उनकी सांसे थम चुकी थी, तब महात्मा गांधी ने अत्यंत उत्तेजना के साथ तेज स्वर से महादेव! महादेव! कहकर उन्हें आवाज दी। महात्मा गांधी का यह व्यवहार अप्रत्याशित था।

गैस हादसे के शिकार जिंदा लोगों में से अधिकतर लोग आज तक सांस की बीमारियों और कैंसर के चलते दम तोड़ रहे हैं। इस हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग अंधे भी हो गए थे।

आपने अपनी हिस्ट्री की किताब में कई ऐसे योद्धा के बारे में पढ़ा होगा जो अपने आखिरी सांस तक लड़े। उनका नाम इतिहास में हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गया। ऐसे ही एक योद्धा थे फ्रांस के नेपोलियन बोनापार्ट।

जसवंत सिंह उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे जिन्हें भारत के विदेश, वित्त और रक्षा मंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ था। 1966 में वह पहली बार राजनीति के मैदान में उतरे और राजस्थान के दिग्गज नेता भैरो सिंह शेखावत की छत्रछाया में आगे बढ़ते हुए 1980 में पहली बार राज्यसभा सांसद बने।

प्याज को कई लोग पसंद करते हैं, जब प्याज को खाने में इस्तेमाल किया जाता है तो उस खाने का स्वाद बढ़ जाता है। इंसानो को प्याज हजारों सालो से पसंद है और वे इसका उपयोग लगभग हर तरह के खाने और स्वास्थ लाभ के लिए करते हैं। कांस्य युग के 5,000 वर्ष ईसा पूर्व के ठिकानों की खुदाई में प्याज के अवशेष मिले हैं

इतिहास बन चुके चालीस खुह के स्‍वर्णीम इतिहास से जल्‍द ही गुरु नगरी के साथ-साथ देश विदेश से आने वाले पर्यटक भी रू-ब-रू होंगे।

भारतवर्ष पर दो शताब्दी पहले अंग्रेजी सरकार का हुकूमत था। जब अंग्रेजो ने भारत को गुलाम बनाया था । उस समय एक ब्रिटिश लेफ्टिनेंट ने भारत को मापने का काम किया था।

लॉकडाउन के बाद भी देश में लगातार कोरोना संक्रमण के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। दिल्ली में भी संक्रमण का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को तेलंगाना में कोरोना संक्रमण से 6 लोगों की मौत हो गई।

कहा जाता है कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। लेकिन विज्ञान के चमत्कार जितना फायदा पहुंचाते हैं, उतना ही कभी-कभी इसके परिणाम घातक भी हो जाते हैं।