Hyderabad Rape Case

वर्ष 2017 मेें देश में 43 हजार 197 बलात्कार के आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें से 38 हजार 559 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन केवल 6 हजार 957 आरोपित ही दोषी साबित हो पाए। इसी वर्ष बलात्कार के बाद हत्या के मामलों में 374 गिरफ्तार हुए, लेकिन केवल 48 ही दोषी साबित हो पाए।

महिला डॉक्टर दिशा के साथ गैंगरेप करके हत्या के बाद शव को जलाने वाले आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज और उस शख्स का पता चला है, जिसकी मदद से हैदराबाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई थी। इस शख्स ने ही पुलिस को आरोपियों के बारे में बताया था। इसके साथ ही पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराए थे।

घटना दिसंबर 2008 की है। वारंगल के एक इंजीनियरिंग कॉलेज की दो छात्राओं के ऊपर उन्हीं के साथ पढ़ने वाले तीन युवकों पर एसिड फेंकने का आरोप लगा था।एसिड अटैक में दोनों छात्राएं बुरी तरह से झुलस गईं थी।

आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और उनपर गोलियां चलाई। बाद में उन्होने भागने की भी कोशिश की जिसके जवाब पर पुलिस को गोली चालानी पड़ी। इस दौरान चार आरोपी मारे गए।

महिला डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या के सभी चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। तेलंगाना के कानून मंत्री इंद्रकरण रेड्डी ने इसे भगवान का न्याय बताया है। उन्होंने अपने राज्य की पुलिस की पीठ थपथपाई और कहा कि आरोपियों ने भागने की कोशिश की थी तो उन्हें मार गिराया गया।

सूत्रों की मानें तो गैंगरेप और हत्या के इस घिनौने अपराध के मुख्य आरोपी मोहम्मद पाशा ने बताया है कि जिस वक्त चारों आरोपी डॉक्टर को मरा समझकर जलाने जा रहे थे, उस वक्त वह जिंदा थी।

महिला डॉक्टर की छोटी बहन ने वारदात के बारे में बताया, 'दीदी ने करीब 9:20 फर कॉल किया था और बताया कि उसकी गाड़ी पंक्चर हो गई है। जो लोग उसकी मदद को आगे आए हैं, वो उसे संदिग्ध लग रहे हैं। मैंने उसे यही कहा था कि फोन बंद मत करना और मुझसे बात करती रहो।