indian army

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर लगातार गोलीबारी की जा रही है। अब भारतीय सेना ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुहतोड़ जवाब दिया है।

ऑपरेशन मां' शुरू करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कंवर जीत सिंह (केजेएस) ढिल्लों बताते हैं कि इससे काफी युवकों को वापस लाया गया है और अभियान बहुत ज्यादा सफलता बटोर चुका है।

पाकिस्तान को अपनी कथनी और करनी का बीच का अंतर पाटना ही होगा। पाकिस्तान आखिर चीन के सहारे कब तक अपनी खैर मनाता रहेगा। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का दबाव उस पर लगातार बढ़ता जा रहा है।

बता दें कि नियंत्रण रेखा पर जारी गोलाबारी को देखते हुए मेंढर सब डिवीजन के बालाकोट, बरूती, बसूनी, धराटी, मनकोट, साबरागली, बलनोई, दबराज, घानी आदि क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

बता दें कि भारतीय सेना ने जवाब कार्रवाई में पाकिस्तान के 3 सैनिकों को मार गिराया है। इसके अलावा पाकिस्तान के 7 से 8 जवानों के घायल होने की भी खबर है। इतना ही नहीं भारत की जवाबी कारवाई में पाकिस्तान की सिंध रेजीमेंट की चार चौकियां भी तबाह हो गई हैं।

पाकिस्तान अक्सर सीजफायर का उल्लंघन कर अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिश में जुटा रहता है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर सीजफायर उल्लंघन किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश की गई। इस रिपोर्ट में CAG ने इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की स्थापना में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए हैं।

सियाचिन, लद्दाख, डोकलाम जैसे ऊंचे क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को जरूरत के मुताबिक कैलोंरी नहीं मिल पाई। इसके साथ सैनिकों को कपड़े, जूते, स्लीपिंग बैग और सन ग्लासेज की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ा है।

सरकार ने सोमवार को बताया कि जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर 30 मई 2019 से 20 जनवरी 2020 तक संघर्षविराम उल्लंघन की 2335 घटनाएं हुई हैं। रक्षा राज्य....

बता दें कि घाटी का माहौल खराब करने के लिए आतंकी लगातार नापाक हरकतें करने की फिराक में जुटे हुए हैं। वहीं सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के चलते आतंकी व उनके आका बौखालाए हुए हैं। स्थानीय लोगों और इलाके में दहशत फैलाने के लिए आतंकवादी ग्रेनेड हमले जैसी वारदतों को अंजाम देने में जुटे हैं।