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भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से बाहर निकल गई है। पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में 8 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है जीडीपी के इन आंकड़ों का सबको बेसब्री से इंतजार था।

कोरोना वैक्सीन के आ जाने से बाजार में तेजी के रुझान हैं जिसका फायदा उठाते हुए कंपनियों ने वर्ष 2020 में सितंबर से दिसंबर के बीच आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 15,774.2 करोड़ रुपये जुटाए।

अर्थव्यवस्थाओं में भारत अकेला देश है जो इतनी तेज आर्थिक वृद्धि हासिल करेगा।  अगले वित्‍त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था चीन समेत दुनिया के बड़े देशों की आर्थिक वृद्धि को पीछे छोड़ देगी।

पांच साल बाद यानी 2025 तक इंडिया ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और 2030 यह जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरे नंबर पर विराजमान हो जाएगा।

1 फरवरी, 2021 को केंद्रीय वित्त मंत्री गला बजट पेश करेंगी। जिसमें कोविड-19 वैक्सीन की खरीद, डिस्ट्रीब्युशन, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के लिए और पब्लिक हेल्थ सिस्टम के लिए खास ऐलान हो सकता है। 

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में एक सर्वेक्षण प्रतिवेदन जारी किया है, जिसमें यह बताया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के 48 मापदंडों में से 30 मापदंडों पर भारत ने अपनी स्थिति को मज़बूत कर लिया है

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कोरोना संकट के बीच बढ़ते राजकोषीय घाटे के बाद भी केंद्र सरकार खर्च जारी रखेगी। प्रोत्साहन पैकेज में कमी नहीं की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस से बुरी तरीके से प्रभावित भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। आईएमएफ के मुख्य प्रवक्ता गेरी राइस ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर सुधार हुआ।

भारत के विदेशी व्यापार क्षेत्र से बहुत अच्छी ख़बर आई है। बहुत लम्बे समय के बाद, विदेशी व्यापार के चालू खाता में वर्ष 2020-21 की प्रथम तिमाही अर्थात अप्रैल से जून 2020 के बीच में, 1,980 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आधिक्य शेष दर्ज किया गया है।

पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था निरंतर आगे बढ़ती रही है। 2019 में वह 8.2 बढ़ी थी। इस वर्ष भी बांग्ला अर्थव्यवस्था 3.8 प्रतिशत बढ़ेगी जबकि भारतीय अर्थ व्यवस्था 10.3 प्रतिशत घटेगी।