iran

अमेरिका के एयरस्ट्राइक में मारे गए ईरान के कमांडर कासिम सुलेमानी के जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी। जिसकी वजह से भगदड़ मच गई जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है जिसकी वजह से भारत की चिंता बढ़ गई। मौजूदा परिस्थिति में भारत के लिए अमेरिका और ईरान दोनों ही महत्वपूर्ण है। इन दोनों देशों के बीच अगर युद्ध होता है तो भारत को दोहरा झटका लगेगा।

नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान के जनरल सुलेमानी को मारने के बाद  अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन बढ़ गई है। हाल ही अमेरिका के न्यूयार्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में ईरान के विदेश मंत्री को विजा देने से इनकार कर दिया है। अमेरिका को इस बात का डर था …

अमेरिका के एयरस्ट्राइक में मारे गए ईरान के कमांडर कासिम सुलेमानी के जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी। जिसकी वजह से भगदड़ मच गई जिसमें कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

एक तरह से देखा जाए तो राष्ट्रपति ट्रंप और क्लिंटन के बीच कुछ समानता भी है। इसलिए नही कि दोनों ने किसी देश पर हमले का फैसला लिया, बल्कि इसलिए कि दोनों ने ये फैसला क्यों लिया?

अमेरिका ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को एयरस्ट्राइक कर मार गिराने बाद अब ईरान के खिलाफ एक और खतरनाक फैसला लिया है। अमेरिका ने ईरान के विदेश मंत्री जावद जरीफ को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UN) की बैठक के लिए वीजा देने से इंकार कर दिया है।

अमेरिका के हमले में मारे गए मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भीड़ का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और लोगों ने बदला लेने की मांग की।

अमेरिका ने ईरानी सेना के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को एयर स्ट्राइक कर मार गिराया। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका बढ़ गई है। दोनों देशों ने एक दूसरे को तबाह करने की धमकी दी है। ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए अमेरिका दूतावास को निशाना बनाया है।

ईरान और अमेरिकी के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देश एक दूसरे को तबाह करने की धमकी दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपने मेजर जनरल का बदला लेने की कोशिश की तो वह ईरान की सांस्कृतिक ठिकानों को तबाह कर देंगे।