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बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद अमेरिका ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। ड्रोन हमले के संदर्भ में पेंटागन प्रमुख ने कहा था कि जून में अमेरिकी स्पाई ड्रोन पर हमला, ब्रिटेन के तल टैंकर को जब्त किया जाना और सऊदी के दो प्रतिष्ठानों पर हमला नाटकीय रूप से ईरान की बढ़ी हुए आक्रमकता

बता दें कि ईरान ने यह बयान उन रिपोर्टो के संदर्भ में दिया है जिसमें बताया जा रहा है कि अमेरिका सऊदी के तेल प्रतिष्ठनों पर हमले के जवाब में सैन्य विकल्प तलाश रहा है। हालांकि तेल प्रतिष्ठानों पर हमले का जिम्मेदार तेहरान को माना जा रहा है।

सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका एक्शन में है। हमले के लिए ईरान को कसूरवार ठहरा चुके अमेरिका ने अब ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, साथ ही उस इलाके में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दे दी गई है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई ने ईरान किसी भी स्तर पर अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा। ईरानी नेता खामनेई ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि ईरान पर दवाब बनाने की अमेरिकी नीति का कोई फायदा नहीं होगा।

सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अराम्को की रिफाइनरी पर यमनी फोर्सेज के 10 ड्रोन से हमले से तेल की मंडी में हाहाकार मच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के आरक्षित तेल के भंडार को बाजार में लाने का आदेश दिया है ताकि विश्व स्तर पर तेल की कीमत नियंत्रित रहे।

सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इसके साथ ही खाड़ी में भी संकट खड़ा हो गया है। हमले के बाद तेल उत्पादन क्षमता आधी रह गई है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, ईरान, रूस और तुर्की जैसे देशों को अफगानिस्तान के आतंकवादियों से लड़ने के लिए आगाह किया। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि केवल अमेरिका ही करीब सात हज़ार मील दूर आतंकवाद से लड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य देश फिलहाल अफगानिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ बहुत कम प्रयास कर रहे हैं।

भारत ने शनिवार को कहा कि वह हरमुज मरूमध्य में ईरान द्वारा ब्रिटिश झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़े जाने के बाद उसमें सवार भारतीयों की सुरक्षित रिहाई और उन्हें स्वदेश भेजने के लिए ईरान के संपर्क में है।

यह बैठक ऐसे समय में बुलाई जा रही है जब ईरान ने विश्व शक्तियों के साथ 2015 में हुए समझौते में तय की गई सीमाओं में से एक का उल्लंघन किया है।

ईरान ने रविवार को कहा कि वह पश्चिमी देशों के साथ हुए परमाणु समझौते में तय की गई यूरेनियम संवर्धन की सीमा का उल्लंघन करने वाला है। वहीं अमेरिका ने चेतावनी देते हुए कहा है कि समझौते में तय की गई सीमा को पार करके ईरान आग से खेल रहा है।