irrigation department

योगी सरकार ने सिंचाई विभाग में नौकरी में भर्ती को लेकर नियमों में बदलाव का आदेश दिया है। इस के तहत अब पाकिस्तान, म्यांमार और बांग्लादेश के पीड़ित प्रवासियों को भी नौकरी का मौका मिलेगा।

सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते महाराजगंज ब्लॉक के पंचम सिंह गांव कि सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल पानी में डूब गई इतना ही नहीं कड़ाके की ठंड माइनर का कटा पानी गरीब किसानों के घर में घुस गया जिससे उनकी आफत और बढ़ गई।

बता दें कि वर्ष 2018 में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2016 के तहत शहर में स्थाई डंपिग ग्राउंड बनाने के लिए कमेटी का गठन हुआ था।

ताजा मामला सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र लालगंज तहसील का है जंहा कोतवाली के पीछे से निकली नहर की पटरी कट जाने के कारण लोगो के घरों में पानी भर गया जिससे उन्हें घर से निकलने के लिए दो चार होना पड़ा।

कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील में नहर व बम्बी को पक्की निर्माण का काम सिंचाई विभाग से करवाया जा रहा है। जिसका ठेका उन्नाव की शक्ति इटरप्राइजेज फर्म को दिया गया है जो कि करोड़ों का प्रोजेक्ट है दो साल से ज्यादा से इसका काम चल रहा है।

जल शक्ति मंत्री ने योजना भवन में सिंचाई विभाग की जमीनों पर किये गये अवैध कब्जे की बारे में विस्तार से समीक्षा किया। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार पूरे प्रदेश में टास्क फोर्स का गठन किया जायेगा और सिंचाई विभाग की जमीनों और परिसम्पत्तियों को कब्जा मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जायेगा।

अवैध कब्जों को अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही यह भी कहा कि 20 फरवरी तक हर जिले की अवैध कब्जों की सूची तैयार की जाए। इसके साथ ही 15 मार्च के बाद अवैध कब्जाधारकों को नोटिस देकर अप्रैल के पहले सप्ताह तक जमीनों को मुक्त कराया जाए।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लोक भवन में सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2019-20 में नहर परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से और पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरों की सफाई के दौरान निकलने वाली सिल्ट …

गोमती बराज पुल के एक हिस्से पर अब भी खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है, कि बैराज के जिस तरफ बाढ नियंत्रण कक्ष का भवन गिरा है, उस तरफ की सड़क धंस गई है। जानकारों का मानना है, कि ऐसे में पुल पर आवागमन महीनों बंद हो सकता है।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि अगले अकादमिक सत्र के मद्देनजर बच्चों को बांटी जाने वाली मुफ्त किताबों के प्रकाशन के लिए टेंडर आमंत्रण की प्रक्रिया शुरू करने में कितना वक्त लगेगा। चीफ जस्टिस दिलीप बाबा साहेब भोंसले और जस्टिस राजन रॉय की बेंच ने यह आदेश सर्व सेवा ट्रस्ट की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर दिए।