Islam

पड़ोसी देश चीन में रहने वाले मुसलमानों की जिंदगी पर सरकार का पहरा और भी अधिक कड़ा हो गया है| नए कानून के तहत देश में मुसलमानों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी शासन व प्रशासन के साथ साझा करनी होगी

लखनऊ: इकोनॉमिक्स में भले ही ब्याज (सूद) को मूलधन, शुल्क या कुछ और माने, लेकिन इस्लाम धर्म में ब्याज लेना हराम माना गया है। इस्लाम के अनुसार सूद एक ऐसी व्यवस्था है जो अमीर को और अमीर बनाती है, गरीब को और ज्यादा गरीब। सूद से बढ़ता शोषण इस प्रकार ये शोषण का जरिया है, …

शरीअत एप्लिकेशन अधिनियम 1935 के तहत मुसलमानों को अपनी व्यवस्था का पालन करने का जो अधिकार मिला हुआ है, वह अभी शादी, तलाक, गज़ारा भत्ता और विरासत तक सीमित है। हालांकि अब तो उस पर भी सवालिया निशान लगे हुए हैं और 3 तलाक का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

बरेली: पाकिस्तानी आतंकी संगठन जमात उद दावा का मुखिया हाफिज सईद इस्लाम से खारिज है और मुसलमान नहीं है। उसका भाषण सुनना या उसकी विचारधारा से किसी तरह का संबंध रखना हराम है। यह फतवा बरेली की दरगाह आला हजरत ने जारी किया है। मुसलमान नहीं है हाफिज सईद -दार उल इफ्ता ने अपने फतवे …

तंजीम अब्नाए दारुल उलूम के अध्यक्ष मुफ्ती यादे इलाही कासमी व जमीयत उलेमा-ए-हिंद से वाबस्ता मुफ्ती जाकिर हुसैन कासमी ने भी महिला द्वारा अपने पति को दिये गये तलाक को इस्लाम की नजर में अमान्य बताया। मर्द स्वयं तलाक दे सकता है और औरत को खुला लेने के लिए शरई दारुल कजा यानी अधिकृत इस्लामी संगठन में जाना होगा।

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में कांवड यात्रा के दैरान डीजे बजाने पर लगे प्रतिबंध के विरोध में करीब 15 हजारों कांवरियों ने शनिवार को मुरादाबाद में जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। कांवरियों ने जिलाधिकारी से मिल कर 24 घंटे में कांवर यात्रा में डीजे पर लगी पाबन्दी हटाने की मांग की है। कांवरियों …

मुंबईः विवावित धर्मगुरू जाकिर नाईक मदीना से स्काइप के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुद पर उठ रहे सवालों के जवाब दे रहे हैं। स्काइप के जरिए मुंबई के मझगांव से जाकिर की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। जाकिर नाईक ने कहा, ”भारत में मेरा मीडिया ट्रायल हो रहा है। मैं शांति का दूत हूं। फ्रांस में निर्दोष …

[nextpage title=”next” ] लखनऊ: भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। यहां सभी धर्म और उसके पर्व-त्योहार को समभाव से देखा जाता है।जैसे आजकल रमजान की रौनक बाजारों में देखने को खूब मिल रही है। मुसलमान रमजान के महीने को अल्लाह के ईनाम के रुप में देखते है। जैसे सभी धर्म अपने नियमों को मानते हैं। वैसे …

लखनऊ: रमज़ान में इस बार रोज़े का वक्त़ आम दिनों की बजाय कुछ ज्यादा लंबा है। इस्लामी कैलेंडर के महीने हर साल दस दिन पीछे हो जाते हैं और इसकी वजह होती है ग्रहों का चक्कर लगाना। सन् 622 में इस्लामी कैलेंडर की शुरूआत हुई थी। उस समय इसके महीनों की गणना चांद देखकर की गई। …

लखनऊ: सभी धर्मों में ईश्वर की इबादत करने के अलग-अलग तरीके होते  हैं। अलग-अलग नामों के साथ उसकी शुरूआत और समापन भी किए जाते हैं। हम बात कर रहे है इस्लाम (मुस्लिम) धर्म की जिसमें सबसे जरूरी और अहम मानी जाती है जुमे की नमाज। वैसे तो इस्लाम के अनुसार हर रोज 5 बार नमाज …