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इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर (इसरो) ने साल के पहले ही दिन तीन बड़े ऐलान किए। इसरो चीफ के सिवन ने चंद्रयान-3, गगनयान प्रोजेक्ट और नए स्पेस पोर्ट के बारे में जानकारियां दी। सिवन ने बताया कि केंद्र सरकार ने चंद्रयान-3 को मंजूरी दे दी है।

इसरो चीफ के. सिवन ने नए साल के मौके पर देशवासियों के सामने इस साल के लक्ष्य और योजनाएं पेश कीं। साल 2020 में गगनयान और चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च करेगा।

रतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए बुधवार का दिन बेहद खास है। इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-48 रॉकेट को लांच कर दिया है। इसकी लॉन्चिंग के बाद अब देश की सीमाओं पर नजर रखना आसान हो जाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पीएसएलवी सी48 को 11 दिसंबर को भारतीय समय के अनुसार 3:25 बजे लॉन्च करेगा। यह उपग्रह मुख रूप से बल्बनुमा पेलोड फेयरिंग की विशेषता से लैस है जिसमें रीसैट-2बीआर1 और नौ अन्य देशों के उपग्रह हैं। इसरो यह उपग्रह भी आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च करेगा।

चंद्रयान-2 के बाद अब चंद्रयान-3 को इसरो नवंबर 2020 में लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस अभियान की मदद से इसरो चंद्रयान-2 के दौरान पूर्वनिर्धारित अपनी खोज प्रक्रिया को जारी रखने की कोशिश करेगा। इसलिए अभी से इसरो चंद्रयान-3 मिशन की तैयारी कर रहा है।  

चंद्रयान-2 के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) उन्नत श्रेणी के बहुउद्देश्यीय सेटेलाइट कार्टोसैट-3 के प्रक्षेपण हुआ।