jardalu mango

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तो जर्दालु आमों पर जान निसार करता है। आम के सीजन में सभी पूर्वांचली इसका भरपूर सेवन करते हैं। वे इसे बार-बार खाए बिना रह ही नहीं सकते। बिहार में कई स्थानों पर जर्दालु आम खाने की प्रतियोगिताएं भी होती हैं। वहां का नजारा गजब का होता है। थाली में दर्जनों आम और बगल में छिलकों का ढेर।

शुरुआत में यह सुविधा सिर्फ ‘शाही लीची’ के लिए मुजफ्फरपुर और पटना के लोगों को तथा ‘ जर्दालु आम’ के लिए पटना और भागलपुर के लोगों के लिए उपलब्ध होगी। लीची की बुकिंग न्यूनतम 2 किग्रा तथा आम की बुकिंग न्यूनतम पांच किग्रा तक के लिए होगी।