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कुमार ने कहा कि वह मानते हैं कि तीनों सदस्यों ने स्वेच्छा और सही तरीके से इस्तीफा नहीं दिया और इसलिए उन्होंने उन्हें अस्वीकार कर दिया और दल-बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की।

कर्नाटक में 21 दिन से चल रहे कुमारस्वामी के नाटक का कल मंगलवार को अंत हो गया और स्वामी बहुमत शामिल करने में फेल हो गए। आपको बता दे, एक तरफ जहां कांग्रेस जेडीएस गटबंधन को 99 वोट मिले वहीँ दूसरी तरफ बीजेपी ने 105 वोट हासिल किए।

कर्नाटक में चल रहा राजनीतिक संकट आज यानी मंगलवार को खत्म हो गया है। प्रदेश में कुमारस्वामी सरकार फ्लोर टेस्ट में फेल हो गई है। इसी के साथ कांग्रेस-जेडीएस की सरकार का गिर गई। विश्वास मत के पक्ष में 99 वोट पड़े और  खिलाफ 105 वोट पड़े।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि विश्वास मत के लिए वह आधी रात तक भी इंतजार करने को तैयार हैं।

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के बिना ही कनार्टक विधानसभा सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी। अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस सरकार के राज्यपाल वजु भाई वाला द्वारा तय की गई।

कर्नाटक में सियासी संकट खत्म होने की जगह और बढ़ गया है। विधानसभा में गुरुवार से कांग्रेस और जेडीएस की कुमारस्वामी सरकार का शक्ति परीक्षण चल रहा है, हालांकि सरकार बचेगी या जाएगी, यह सवाल समय के साथ और उलझता जा रहा है।

करीब 15 दिन से कर्नाटक में चल रहा सियासी संग्राम शुक्रवार को खत्म हो सकता है। दरअसल 19 जुलाई को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है, इससे साफ हो जाएगा कि एचडी कुमारस्वामी की सरकार बचेगी या नहीं, लेकिन विधानसभा में वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में स्वामी सरकार का गिरना तय माना जा रहा है।

कर्नाटक में बीते 15 दिन से जारी राजनैतिक उथल पुथल अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। विधानसभा में सीएम कुमारस्वामी सरकार आज फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी। इसके बाद साफ़ होगा कि एचडी कुमारस्वामी की सरकार बचेगी या नहीं।

कर्नाटक में सत्तारूढ़ गठबंधन के 12 विधायक, प्रदेश की एच डी कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद, शनिवार से ही यहां के एक होटल में रह रहे हैं। इन विधायकों में से सात कांग्रेस के, तीन जेडीएस के जबकि दो विधायक निर्दलीय हैं।

विधानसभा अध्यक्ष पर आज हर किसी की नजर बनी हुई है क्योंकि उनके ही हाथ में विधायकों के इस्तीफे का फैसला है। बता दें कि कर्नाटक में गठबंधन की सरकार जिन 14 विधायकों की वजह से खतरे में है, वह सभी विधायक मुंबई में हैं।