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Y- Factor | Donald Trump ने Joe Biden से नहीं मानी है हार, America में बनेगी तीसरी पार्टी! | Ep- 127

सन् 1987 में बिडेन ने पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए अपने केम्पेन शुरू की। 1988 में उन्होंने राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में खुद को प्रस्तुत किया लेकिन उस वक्त उनकी केम्पेन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ गया।

बराक ओबामा के प्रशासन में काम कर चुकीं सोनल शाह और अमित जानी को बिडेन ने अपने साथ नहीं रखा है। अमित जानी तो बिडेन के चुनाव अभियान टीम में भी थे। बताया जाता है कि इन दोनों को दूर रखने की वजह उनका आरएसएस-भाजपा से जुड़ाव होना है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पद भार संभालने के बाद पहले दिन कांग्रेस को एक समग्र आव्रजन विधेयक भेजा। इस विधेयक में आव्रजन से जुड़ी व्यवस्था में प्रमुख संशोधन किये जाने का प्रस्ताव है।

अमेरिका के नामित विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन ने भी भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की नीति जारी रखने का संकेत दिया है। ब्लिंकन ने सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के सामने रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत नीति का समर्थन किया।

ट्रम्प ने अपने विदाई संबोधन में कहा है कि ‘हम किसी न किसी रूप में वापस आएंगे।’ ट्रम्प ने ये भी कहा है कि मामला ख़त्म नहीं हुआ है और अभी तो ये शुरुआत है और बेस्ट आना अभी बाकी है।

द बीस्ट कार एक पावरफुल कारों में से एक मानी जाती है। इस कार को चुंनिदा लोग ही इस्तेमाल कर पाते हैं। इस कार की खिड़कियां पॉलीकार्बोनेट से बने 5 लेयर बुलेट प्रूफ शीशे की बनी होती है। इसके साथ इस कार के दरवाजे 8 इंच के मोटे होते हैं।

विनय रेड्डी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान जो बाइडन और कमला हैरिस के चुनाव प्रचार के लिए भाषण लिख चुके हैं। आपको बता दें कि विनय रेड्डी की खास बात यह है कि जब बराक ओबामा (Barack Obama) के कार्यकाल में जो बाइडन उप राष्ट्रपति थे तब वह उनके चीफ स्पीच राइटर भी थे।

जो बाइडेन ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कहा कि अमेरिका को एकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। एकता के बिना शांति नहीं हो सकती, बिना एकता के राष्ट्र संयुक्त नहीं रह सकता। राष्ट्रपति बाइडेन ने साथ ही ये भी कहा कि हम अश्वेत वर्चस्व और घरेलू आतंकवाद को परास्त करेंगे। 

अमेरिका के भावी रक्षा मंत्री जनरल (रिटायर्ड) लॉयड ऑस्टिन ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को अपना रवैया बदलना होगा। लश्कर ए तोयबा और अन्य भारत विरोधी आतंकियों को मदद पहुंचाने की नीयत से बाज आना होगा।