kamlesh tiwari

हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी को जान से मारने की धमकी मिली है। हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या पिछले महीने 18 अक्टूबर को लखनऊ में कर दी गई थी।

हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर को लखनऊ में भड़काऊ भाषण देने की वजह से हत्या कर दी गयी थी। वहीं, इस मामले में एक एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना था कि कि यह देखा जा रहा है कि कमलेश तिवारी की हत्या में आईएसआई का कहां तक हाथ है।

गुजरात एटीएस की टीम ने गुजरात-राजस्थीन बॉर्डर से फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन दोनों के नाम अशफाक और मोइनुद्दीन हैं। कमलेश हत्याकांड में सहयोगी वकील भी गिरफ्तार हो चुके हैं साथ ही दो और आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो चुकी हैं।

बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म करने को लेकर कई हिंदू नेताओं ने सरकार के पक्ष में अपने भाषण दिये थे और इस कदम को सही बताया था।

कमलेश तिवारी हत्याकांड में गुजरात ATS ने आरोपी अशफाक और मुईनुद्दीन को गिरफ्तार किया है। गुजरात ATS  ने इस बारे में जानकारी दी है। गुजरात ATS को यह बड़ी कामयाबी मिली है, बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस भी आज कमलेश तिवारी हत्याकांड में जांच करने सूरत पहुंची थी।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 18 अक्टूबर को हुए हिंदू नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में कानपुर जनपद से एक सिम विक्रेता को एटीएस ने पूछताछ के लिए उठाया है।

कानून व्यवस्था पर चौतरफा हमला झेल रही योगी सरकार ने कमलेश तिवारी की हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का निर्णय लिया है। यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने सीतापुर में जाकर पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की है। 

कमलेश तिवारी हत्याकांड के आरोपी चारबाग़ के खालसा इन होटल के बेसमेंट में कमरा नम्बर 103 शेख अशफाकुल हुसैन और मोईनुद्दीन पठान रुके थे। इन लोगों ने रात 11ः40 बजे खाने के लिए थाली आर्डर की। सिर्फ एक थाली मंगाई।

उपदेश राणा के करीबी ने रविवार को धमकी देने वालों के खिलाफ उज्जैन के माकड़ोन थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, यूपी के डीजीपी और मेरठ के एसएसपी ने भी पीड़ित से फोन पर बातचीत कर मामले को संज्ञान में लेकर जांच की बात कही है।

इन 11 मांगों में, कमलेश तिवारी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता, बड़े लड़के सत्यम तिवारी को सरकारी नौकरी, सरकारी योजना के तहत एक आवास और कमलेश के परिजनों को आत्मरक्षा के लिए तत्काल शस्त्र लाइसेंस दिए जाने तथा खुर्शेद बाग का नाम बदल कर कमलेश बाग करने और राजधानी में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगावाने की मांग की है।