karwa chauth

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अष्टमी को अहोई अष्टमी कहा जाता है। इस साल यह अष्टमी 21 अक्टूबर  को है। इस दिन स्त्रियां अपनी संतान की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए व्रत कर अहोई माता का पूजन करती है। लेकिन क्या ये जानते है कि जिन दंपतियों को संतान नहीं होती है

करवाचौथ का त्योहार सुहागन महिला के लिए काफी मायने रखता है और हर साल वो इस त्योहार का इंतजार करती हैं।

इस बार करवा चौथ बृहस्पतिवार  (17 अक्टूबर) को है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाए जाने वाले करवा चौथ में महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। हालांकि, आजकल कई पति भी अपनी पत्नी के लिए व्रत रखते हैं। महिलाएं अपना व्रत छलनी से चांद देखकर तोड़ती हैं।

करवा चौथ  17 अक्टूबर को है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। यह त्योहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सज संवरकर चंद्रमा की पूजा करती हैं। करवा चौथ के दिन सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व होता है।

करवा चौथ पर  सोलह श्रृंगार  करना हर महिला का अधिकार होता है। और इस श्रृंगार में सुहागन महिलाएं करवा चौथ पर मेंहदी जरुरी लगाती हैं क्योंकि यह सुहाग चिन्ह माना जाता है। करवा चौथ अब पास आ रहा है। ऐसे में महिलाएं मेंहदी लगवाने बाजार जाएंगी। मगर इससे पहले आप बाजार में मेंहदी के दाम जरुर जान लें।

करवाचौथ के दिन महिलाओं में सजने-संवरने का बहुत क्रेज होता है। ऐसे में महंगे मेकअप के बजाय घरेलू हर्बल प्रसाधनों के उपयोग से आप हुस्न के जलवे बिखेर सकती है और दमकती नजर आएंगी, चाहे मौसम का मिजाज कुछ भी हो।

करवा चौथ का व्रत  हर सुहागिन को रखना चाहिए । इससे वैवाहिक जीवन में खुशियां बढ़ती है। और पति-पत्नी का साथ उम्रभर के लिए बना रहता है।  करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाते है। जो इस बार 17 अक्टूबर 2019 को मनाया जाएगा।

गोरखपुर: आज करवा चौथ है। ऐसे में अपने पति की लम्बी आयु की कामना के लिए पत्नियां निराजल व्रत रहती है, तो पति अपने पत्नी को उपहार भी देते है, लेकिन महराजगंज जिले के फरेंदा बुजुर्ग और कुनसेरवा गांव को दो पतियों ने अपने पत्नियों को अनोखा उपहार दिया है। करवा चौथ के दिन शौचालय …

सहारनपुर: कार्तिक कृष्ण पक्ष में करक चतुर्थी अर्थात करवा चौथ का लोकप्रिय व्रत सुहागिन और अविवाहित स्त्रियां पति की मंगल कामना एवं दीर्घायु के लिए निर्जल रखती हैं। इस दिन न केवलचंद्र देवता की पूजा होती है अपितु शिव-पार्वती और कार्तिकेय की भी पूजा की जाती है। यह भी पढ़ें: जन्मदिन विशेषः पत्रकार गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ …

लखनऊ: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और यमद्वितीया जैसे त्योहार लगातार मनाए जाते हैं, जिसके कारण दीपावली को पांच पर्वों का अनूठा त्योहार भी माना जाता है। दीपावली रोशनी का त्योहार माना जाता है, जोकि हर साल शरद ऋतु में मनाया जाता है। यही नहीं, इस त्योहार की गिनती देश के बड़े और प्रतिभाशाली …