karwachauth

नारी बंदी निकेतन में करवाचौथ मनाने की तैयारी बीते एक सप्ताह से चल रही थी। बंदी निकेतन के अंदर का माहौल बदला हुआ था। करवाचौथ पर व्रत रखने के लिए महिला कैदियों ने तैयारियां शुरू कर दी थी तथा दो दिन पहले ही जेल अधीक्षक को सभी पूजन की सूची सौंप दी गई थी।

सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ थाना अन्तर्गत गोपालरायपुर बेलाही गांव निवासी 38 वर्षीय मनोज वर्मा पुत्र पारस नाथ वर्मा अकबरपुर स्थित हाइड्रिल कालोनी में रहते थे।

बाराबंकी की मुख्य बाजार में हम आज करवाचौथ पर सुहागिनों की तैयारी का जायजा लेने पहुँचे । तो यहाँ सुहागिने बड़ी संख्या में पूजा की खरीददारी करती दिखाई दी ।

इस व्रत में सांस अपनी बहू को सरगी देती है। इस सरगी को लेकर बहू अपने व्रत की शुरुआत करती है। इस संबंध में गिरीश शास्त्री का कहना है कि एक ऐसा विशेष मंत्र भी है, जिसका जाप इस दिन काफी फलदायी साबित होता है

करवाचौथ में प्रयोग होने वाले मिट्टी के टाटी वाले कलश को करवा कहते है। इसको लेकर मान्यता है कि यह कलश उस नदी का प्रतीक है जिसमे रहने वाले मगरमच्छ ने माता करवा के पति को दबोच लिया था और माता करवा के व्रत से उन्हे उनका पति वापस मिल गया था।

करवाचौथ का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में चहल पहल बढ़ गई है। राजधानी लखनऊ के भूतनाथ मार्केट में भी इसकी बानगी देखने को मिली।

इसके अलावा चांदी के करवा की भी धूम है। बीकानेरी चांदी के करवा सौ से डेढ सौ ग्राम के बाजारों में उपलब्ध है। इनको नक्काशीदार ढंग बेहद आकर्षक से बनाया गया है।

नई दिल्ली: हिन्दू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत सबसे महत्वपूर्व व्रतों में से एक माना जाता है। करवा चौथ का त्योहार दीपावली से नौ दिन पहले मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी को आता है। इस बार करवा चौथ …

  लखनऊ : करवाचौथ का नाम सुनते ही शादीशुदा महिलाओं के चेहरे पर जो रौनक आती है, जिसे देखकर उनकी ख़ुशी का अंदाजा लगाया जा सकता है। यही तो वह मौका है, जिसका पूरे साल वह बड़ी ही बेसब्री से इंतजार करती हैं। करवाचौथ के दिन महिलाएं जिस साज-श्रृंगार के साथ तैयार होती हैं, तो उन्हें …