Kashmir Issue

कोविड-19 का सहारा लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ ही विभिन्न मंचों पर पाकिस्तान ने फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया है। कश्मीर पर यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में इस्लामाबाद की तरफ से किए गए उसके प्रयासों पर ध्यान तक नहीं दिया गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ऐलान किया कि भारत...

कश्मीर मुद्दे पर विश्व स्तर पर भारत से  बात ना बनने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को माना कि इस मुद्दे पर उन्हें विश्व के देशों का साथ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि इस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया बेहद धीमी रही है। आर्टिकल 370 से जुड़े फैसले के बाद पाकिस्तान भारत के आंतरिक मामले में गैरजरूरी हस्तक्षेप की कोशिश कर रहा है

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि हमें खुशी है कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रतिनिधियों की ओर से कश्मीर पर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों की असलीयत सामने आ गई। पाकिस्तान अपने मंसूबों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कामयाब करने के लिए चीन का इस्तेमाल करता है।

पाक पीएम इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन पर कश्मीर को फिर उठाया। उन्होंने भारत से अपील की कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद अब कश्मीर घाटी से पाबंदी हटाई जाए।

ह सुनवाई 3 लाख कश्मीरी पंडितों के खिलाफ एक पूर्वाग्रह थी, जो 1990 में कश्मीर से जातीय रूप से साफ हो गए थे। उन्होंने साथ ही कहा कि यह सुनवाई उन 700 से अधिक कश्मीरी पंडितों के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित थी, जो 1990 में कश्मीर में यहां काम करते थे।

सोशल मीडिया पर मेहविश का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे कश्मीर के मुद्दे पर सवाल किया था, लेकिन वो इस मुद्दे पर बात करने को टालती रहीं।

पाकिस्तान हर बार भारत के आंतरिक मामलों में दखल करने की कोशिश करता रहता है।

आज मोदी की अहम कैबिनेट बैठक होने वाली है, जिसमें कठोर निर्णय लिया जा सकता है। मोदी सरकार की कश्मीर पर गठित इस मंत्री समूह में रविशंकर प्रसाद, थावर चंद गहलोत, डॉ. जितेंद्र सिंह, नरेंद्र तोमर और धर्मेंद्र प्रधान हैं। यह समूह कश्मीर के विकास के लिए केंद्रीय मंत्रालयों की मदद का प्लान तैयार करेगा. इसका फोकस युवाओं के कौशल विकास पर होगा।

राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ का सामना करने के बाद कश्मीर लौटे हुर्रियत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने यहां जामा मस्जिद में जुमे की नमाज में कहा कि ‘‘दबाव’’ के चलते अलगाववादी अपना रुख नहीं बदलेंगे।