LAC

चीनी सेना ने बंदी सैनिक को लेकर जानकारी दी थी कि ये जवान कुछ चरवाहों को रास्ता बताने के चक्कर में खुद ही गलती से LAC पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था।

भारत चीन के मंसूबों को अच्छे से जानता है। इसी वजह से भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख समेत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के तीनों सेक्टरों में चौकसी और भी ज्यादा बढ़ा दी है। आगे की रणनीति पर फैसले के लिए जल्द ही शीर्ष स्तर की बैठक होगी।

चिनूक हेलीकॉप्टर भारी मशीनों और तोपों को भी एक जगह से दूसरी जगह उठाकर ले जा सकता है। ये हेलीकॉप्टर 280 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवा में उड़ता है और इसकी ऊंचाई 18 फीट और चौड़ाई 16 फीट है। चिनूक हेलीकॉप्टर को दो पायलट उड़ा सकते हैं।

भारत और चीन के बीच अब 12 अक्टूबर को सातवीं बार बातचीत की तैयारी हो रही है। हालांकि चीन अपनी मांगों को लेकर टिका हुआ है। उसने सीमा पर पीछे हटने के लिए शर्त बढ़ा दी है। 

अब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल(LAC) पर चीन अपनी धोखेबाजी और गंदी हरकतों को अंजाम देने से पहले से सौ बार सोचेगा। सीमा पर भारत ने चीन के खिलाफ अपनी तैयारियों को पूरी तरह से दुरूस्त कर दिया है।

12 घंटों के भीतर लद्दाख में दो बार भूकंप के झटकों को महसूस किया गया। यहां शुक्रवार शनिवार की देर रात 3.7 की तीव्रता के भूकंप के झटके को महसूस कर लोग सहम गए।

भारत के खिलाफ चीन नापाक हरकते जारी हैं, लेकिन अब चीन को भारत की बात माननी पड़ी है। मंगलवार को दोनों देशों के बीच लंबी बातचीत हुई है। इसके बाद भारत और चीन की सेनाओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि दोनों ही अब बॉर्डर पर और सैनिक नहीं बुलाएंगे।

ड्रैगन सीमा पर अपनी धूर्त हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। ऐसे में चीन के किसी भी साजिश का जवाब देने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हर तरह की मजबूती बेहद जरूरी है।

लद्दाख में सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति जारी है। अब इस बीच एक बार फिर बॉर्डर पर भारत और चीन की सेना के अधिकारियों के बीच बातचीत होगी। अगस्त के आखिर में तनाव बढ़ने के बाद बातचीत बंद हो गई थी।

मात्र 20 दिन में भारत के जवानों ने एक -एक कर लद्दाख की 6 नई पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया। ये सभी पहाड़ियां लद्दाख में काफी अहम हैं।