LAC

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है। सोमवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर फायरिंग के बाद से चीन एकदम से घबरा गया है। उसे अब भारतीय सेना से डर लगने लगा है।

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसे लेकर केंद्रीय कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक शाम छह बजे प्रधानमंत्री आवास पर होने वाली है।

भारत की ओर से चीन को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि भारत चीन की नाजायज शर्तों को मानने के लिए कतई तैयार नहीं है। दोनों देशों के बीच बातचीत बेनतीजा निकली।

एमएम नरवणे ने एलएसी की वर्तमान स्थिति को लेकर कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण है, जिसे ध्यान में रखते हुए हमने अपनी सुरक्षा के लिए एहतियातन तैनाती ले ली है, जिससे हमारी सुरक्षा और अखंडता सुरक्षित रहे।

धोखेबाज चीन पूर्वी लद्दाख बॉर्डर पर अपनी नापाक हरकतों और चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा है। लेकिन भारतीय की सेना भी कुछ कम नहीं है, उसकी हर करतूत पर मुंहतोड़ जवाब दे रही है। ऐसे में चीन की एक और चालबाजी का खुलासा हुआ है।

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पैंगोंग झील पर गलवान जैसी झड़प हुई है। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है।

नई दिल्ली: चीन ने बुधवार को भारत पर एक बार फिर जुबानी हमला बोला है। प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से भारत पर ये आरोप लगाया कि बॉर्डर पर भारत ने ही समझौते को तोड़ा और लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल(एलएसी) को पार कर इस ओर आ गया। जबकि भारत पहले ही उसके आरोपों को ख़ारिज कर …

भारत और चीन के बीच लद्दाख में गलवान घाटी में इसी साल जून में हुई हिंसक झड़प के बाद से तनाव जारी है। इसी कड़ी में एक बार फिर दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प का मामला सामने आ रहा है।

चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है। ड्रैगन आए दिन भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया।

चीन भगवान शिव की पवित्र भूमि कैलाश मानसरोवर के पास स्थित झील में मिसाइलों की तैनाती कर रहा है। झील के किनारे जमीन में हवा में मार करने वाली ये दमदार मिसाइलें भारत को उकसाने की एक रणनीति है।