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भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में करीब 50000 सैनिकों की तैनात कर रखा है। अधिकारियों के मुताबिक, चीन ने भी इतने ही सैनिकों की तैनाती की हुई है। दोनों देशों के बीच सौन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

मैप में देश के दो नए केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रे कलर से दिखाया गया है, जबकि भारत अलग नीले रंग वाले हिस्से में नजर आ रहा है। वहीं, अक्साई चिन का विवादित हिस्सा ग्रे रंग में है, जिस पर नीले रंग की धारियां हैं।

चीनी सेना ने कन्फर्म किया है कि उनका एक सैनिक गलती से चीन-भारत सीमा क्षेत्र में चला गया है। वहीं भारत से उसे वापस भेजने की मांग की है।

कई चीनी कम्पनियाँ भारत में ऑपरेट कर रही हैं। संडे गार्जियन की एक खबर में बताया गया है कि हाल में भारत के प्रतिस्पर्ध्य योग ने चीन की सीनोकम ग्रुप कंपनी लिमिटेड और चाइना नेशनल कंपनी कारपोरेशन लिमिटेड के विलय को मंजूरी दी है।

चीन से जारी तनाव के बीच एकदिवसीय यात्रा पर लेह पहुंचे भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद ने फॉरवर्ड एरिया का दौरा किया। साथ ही स्थानीय कमांडरों और सैनिकों के साथ बातचीत की और उनके उच्च मनोबल और तत्परता की स्थिति की सराहना की।

चीनी सैनिक सादे कपड़ों में लद्दाख सीमा पार कर भारत में घुसने की कोशिश करते पकड़े गए हैं। स्थानीय लोगों और ITBP के जवानों ने उन्हें वापस लौटा दिया।

IMD मौसम का अनुमान लगाकर उसके हिसाब से सेना को तैयार करने के लिए लद्दाख में 10 रडार लगाने की योजना बना रहा है। वेदर रडार से मौसम में बदलाव पर नजर रखी जाएगी।

लद्दाख और कश्मीर बॉर्डर पर लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए सेना के लिए ये बड़ा फैसला लिया गया है। ऐसे में युद्धक सामानों के ज्यादा स्टोरेज से सेना को अपना रिजर्व बढ़ाने में काफी सहायता मिलेगी।

लद्दाख में चीन की सेना एलएसी के पास कई पोस्ट और बड़ी-छोटी चोटियों पर कब्जा जमाने की मंशा से रात के अंधेरों में गुपचुप तरीके से कार्रवाई कर रही है।

सरकार ने सख्त कदम उठाने हुए पहले चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया, तो वहीं अब चीन की कारोबारिक गतिविधियों को भी झटका दिया है।