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वोत्थान एकादशी का व्रत इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु आसाढ़ शुक्ल एकादशी को चार माह के लिए योगनिद्रा से जागते हैं। इसके बाद वह कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं।

वैलेनटाइन आ रहा है। लोग अपने पार्टनर के साथ इस खूबसूरत दिन को मनाने की तैयारी में लगे है। कुछ लोग इस वेलेनटाइन पर प्रमोज की सोच रहे होंगे तो कुछ पार्टनर के साथ लव मैरिज करने की सोच रहे होंगे। अब इसमें सबका आशीर्वाद कैसे मिले इस के लिए ज्योतिष से भी मदद ले सकते हैं।

माह –माघ,  तिथि – द्वादशी ,पक्ष –कृष्ण,वार – मंगलवार,नक्षत्र – ज्येष्ठा, सूर्योदय –07.22,सूर्यास्त – 17:39। आज का शुभ मुहूर्त 12.11-12.53। आज मगंलवार बजरंगबली का दिन है। अगर जातक आज सुंदरकांड करेंगे तो लाभ होगा।जानते हैं 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा।

माह-पौष, पक्ष-शुक्ल, तिथि-चतुर्दशी, नक्षत्र-मृगशिरा, दिन-बृहस्पतिवार, सूर्योदय-7.20, सूर्यास्त-17.36, चंद्रमा-मिथुन राशि। बृहस्पतिवार को करण-वणिज, और योग ब्रह्म के साथ मृगशिरा नक्षत्र है। इसके कारण आज के दिन कई अशुभ योग बनेगा। तो जानते हैं ऐसे में बृहस्पतिवार किसा राशि के लिए शुभ और किस राशि के लिए अशुभ होगा।

साल के बारह महीनों का अपन-अलग ही महत्व है और आपको हम बताने जा रहे है कि आप के व्यक्तित्व में आपके जन्म के महीने से कौन से गुण स्वतः ही आता हैं। इस कड़ी में सबसे पहले जनवरा में जन्मे लोगों का स्वभाव जानते हैं।

स्कंदमाता दुर्गा मां का 5वां रूप है। कहते हैं कि मां के रूप की पूजा करने से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाते हैं। स्कंद कुमार कार्तिकेय की मां होने के कारण इन्हें स्कंदमाता के नाम से जाना जाता  है। इनके विग्रह में भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं। 

बजरंग बली से जुड़ी कहानियों और किस्सों को जानने में लोगों की दिलचस्पी  हमेशा बनी रहती है। इसके प्रमाण मिलने से लोगों की गहरी आस्था जुड़ जाती है। हनुमान जी और पाताललोक से जुड़ें ऐसे ही कुछ साक्ष्य हमें इंडिया से 1000किमी दूर मध्य अमेरिका के देश होंडुरस में मिले हैं।

नारियल को संस्कृत में श्रीफल कहा जाता है। हिंदू धर्म में देवी देवताओं की मूर्ति के सामने नारियल फोड़ने का रिवाज बहुत पुराना है। ज्यादातार धार्मिक संस्कारों में नारियल को रखा जा सकता है। कोई भी काम का शुभारंभ हो नारियल जरूर फोड़ा जाता है।

अक्सर लोग शादी को लेकर उलझन में रहते है कि शादी करें या ना करें। अगर करें भी तो कैसी शादी करें। ज्यादातर लोगों की चाहत लव मैरिज शादी की होती है। प्रेम एक खूबसूरत अनुभूति है। जब दो दिल एक होना चाहते हैं तो समाज बीच में आता है और अड़चने पैदा होने लगती है।

जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा हो या विवाह में विलंब हो रहा हो, उनको अच्छे जीवनसाथी के लिए माता कात्यायनी के इस मंत्र का जप  करना चाहिए, जैसे द्वापर युग में श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए गोकुल की गोपियों ने इस मंत्र का जप किया था।