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काशी को मोक्ष की नगरी भी कहा जाता है कहते हैं यहां जो इंसान अंतिम सांस लेता है उसे मोक्ष  मिलता है। जिन लोगों की मृत्यु यहां नहीं होती उनका अंतिम संस्कार यहां  पर कर देने मात्र से ही मोक्ष मिलता है। इसके साथ ही काशी में एक ऐसा कुंड भी है

 केसर स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसकी खुशबू बहुत तेज होती है। इसे खाने, ब्यूटी प्रोडक्टस के साथ मेडीसीन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। हाल के सर्वेक्षण में पता चला है कि केसर से कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी का भी इलाज संभव है।

हनुमान को शिवावतार या रुद्रावतार भी माना जाता है। रुद्र आंधी-तूफान के अधिष्ठाता देवता भी हैं और देवराज इंद्र के साथी भी। विष्णु पुराण के अनुसार रुद्रों का उद्भव ब्रह्माजी की भृकुटी से हुआ था। हनुमानजी वायुदेव और मारुति नामक रुद्र के पुत्र थे।

देवाधिदेव शंकर के इस अपमान से लज्जित होकर गौरा देवी इस यज्ञ के दौरान सती हो गई थी और भगवान शंकर उनके पार्थिव शरीर को ही गोद में उठा कर तीनों लोकों का भ्रमण कर रहे थे। तब भगवान विष्णु ने भगवान शंकर का मां गौरी से ध्यान हटाने के लिए अपने सुदर्शन चक्र से मां गौरी के पार्थिव शरीर के टुकड़े कर दिया था।

ऋषि पंचमी का व्रत सभी के लिए फल दायक होता है। इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। आज के दिन ऋषियों का पूर्ण विधि-विधान से पूजन करना चाहिए और कथा श्रवण सात्विक मन से करने का महत्व है। ये व्रत पापों का नाश करने वाला और श्रेष्ठ फलदायी है।

हमारे धर्म ग्रंथों में देवियों के महात्मय का भी वर्णन  है। जिन्होंने अपने  पतियों के लिए हजारों साल तप किया तो उन्हें पति रुप में पाया है। मां पार्वती, माता सती, माता सीता सबने पति की सलामती के लिए कठोर तपस्या कर सतीत्व का वरदान पाया है।  ये तो हुई सतयुग की बातें, आज भी  महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत पूजा पाठ करती हैं।

इस मेले की शुरूआत साल 1310 ई. से हुई। इस मेले में लड़की के मां-बाप अपनी हैसियत के हिसाब से अपनी बेटी के योग्य वर ढूंढ़ते है। शादी तय करने से पहले लड़का और लड़की पक्ष पहले एक-दूसरे की पूरी जानकारी हासिल करते हैं, फिर सहमति से दोनों पक्ष रजिस्ट्रेशन कराकर शादी कराते है

कृष्ण को लेने के लिए कंस ने रथ भेजा था। जिसके आते ही सभी ने उस रथ के आसपास घेरा बना लिया। ये सोचकर कि वे कृष्ण को जाने नहीं देंगे। उधर कृष्ण को राधा की चिंता सताने लगी। वे सोचने लगे कि जाने से पहले एक बार राधा से मिल लें। इसलिए मौका पाते ही वे छिपकर वहां से निकल गए।

लड़कियों को देखकर छेड़ना ज्यादातर लड़कों की हरकतों में शुमार है और ये कहना गलत न होगा। पर दुनिया का एक कोना ऐसा है जहां लड़कियां छेड़ती है लड़कों को और बनाती है जबरन उनके साथ संबंध। पर उनके साथ कुछ नहीं होता है।

ताश के पत्तों से लोगों को खेलते हुए तो आपने जरूर देखा होगा। संभव है कि आपने भी इस खेल को खेला हो, लेकिन ताश के पत्ते, सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करते या सफर में आपके समय काटने में मददगार ही नहीं होते हैं।