Legislative Assembly

विधान परिषद में शुक्रवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही सपा सदस्यों ने के नरेश चंद्र उत्तम ने प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था, बाढ़ की बिगड़ती स्थिति और कोरोना संक्रमण के बेकाबू होते हालात पर सदन की कार्यवाही रोक कर चर्चा कराने की मांग को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी और हंगामे के कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

कोरोना महामारी के बीच 20 अगस्त,  से प्रारम्भ होने वाले आगामी विधान सभा सत्र को आहूत करने के संबंध में  प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष  हृदय नारायण दीक्षित एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा आज एक बैठक की गयी ।

सदन के अंदर खनाम के विधायक एडेलबर्ट नोनग्रम ने कोरोना को लेकर एक अजीबो गरीब बयान दिया है। एडेलबर्ट का कहना है कि गर्भपात और समलैंगिक विवाह के चलते लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं।

आज उत्तरप्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष/ राज्यमंत्री पंडित सुनील भराला ने विधानसभा प्रभारी बनने के बाद वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम बार प्रतापगढ़ जनपद कुंडा एवं बाबागंज विधानसभा की बैठक की। 

कोरोना वायरस को लेकर ओडिशा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां विधानसभा में काम करने वाला एक कर्मचारी कोरोना के मरीज के सम्पर्क में आ गया था। जिसके बाद से पूरे विधानसभा को सेनिटाइज करने के साथ सभी स्टाफ को क्वारनटीन किया गया है।

शून्यकाल में कांग्रेस के दीपक सिंह व नसीमुद्दीन सिद्दी ने प्रदेश में किसानों के फसलों का लागत मूल्य दिलाये जाने का मामला कार्यस्थगन के रूप में उठाया। ग्राहय्ता पर सपा के नरेश उत्तम, लीलावती कुशवाहा, कांग्रेस के नसीमुद्दीन सिद्दीकी तथा दीपक सिंह ने विचार किये।

आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने राज्य विधान परिषद को समाप्त करने का फैसला किया है। जगन कैबिनेट द्वारा विधान परिषद को समाप्त करने के फैसले के बाद राज्य विधानसभा ने भी इस बारे में प्रस्ताव पास कर दिया है।

दो दिवसीय कामनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) सम्मेलन के लिए विधानभवन को दुल्हन की तरह सजाया गया है। 16 एवं 17 जनवरी को होने वाले सम्मेलन केंद्र...

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के विरोध के चलते प्रश्न प्रहर नहीं हो सका। सपा और कांग्रेस ने वेल में आकर हंगामा किया, जबकि बसपा ने सदन से वाक आउट किया।

भारतीय संविधान को अंगीकृत करने के अवसर पर यूपी विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी दलों के अधिकतर विधायकों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। जिसमें विधायक संविधान के बारे में अपने विचार रखेंगे।