Legislative Assembly

शून्यकाल में कांग्रेस के दीपक सिंह व नसीमुद्दीन सिद्दी ने प्रदेश में किसानों के फसलों का लागत मूल्य दिलाये जाने का मामला कार्यस्थगन के रूप में उठाया। ग्राहय्ता पर सपा के नरेश उत्तम, लीलावती कुशवाहा, कांग्रेस के नसीमुद्दीन सिद्दीकी तथा दीपक सिंह ने विचार किये।

आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने राज्य विधान परिषद को समाप्त करने का फैसला किया है। जगन कैबिनेट द्वारा विधान परिषद को समाप्त करने के फैसले के बाद राज्य विधानसभा ने भी इस बारे में प्रस्ताव पास कर दिया है।

दो दिवसीय कामनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) सम्मेलन के लिए विधानभवन को दुल्हन की तरह सजाया गया है। 16 एवं 17 जनवरी को होने वाले सम्मेलन केंद्र...

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के विरोध के चलते प्रश्न प्रहर नहीं हो सका। सपा और कांग्रेस ने वेल में आकर हंगामा किया, जबकि बसपा ने सदन से वाक आउट किया।

भारतीय संविधान को अंगीकृत करने के अवसर पर यूपी विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी दलों के अधिकतर विधायकों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। जिसमें विधायक संविधान के बारे में अपने विचार रखेंगे।

उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से गोवा विधान सभा के अध्यक्ष राजेश पाटनेकर एवं उनके साथ आए संसदीय शिष्ट मण्डल ने भेंट की। विधान सभा की कार्यपद्धति, संसदीय कार्यप्रणाली व लोकतांत्रिक विषयों पर चर्चा की।

सी0पी0सी0 का आयोजन लंदन मुख्यालय के राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीसी) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 52 राष्ट्र शामिल है। सी0पी0ए0 सम्मेलन के पूर्व या बाद सभी राष्ट्र एवं राज्य प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को तीन  राष्ट्रों में संसदीय पद्वति के अध्ययन भ्रमण के लिए जाने का अवसर मिलता है।

विधान परिषद् में आज सरकार ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही डिप्लोमा स्तरीय पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों में से 421 पदों पर जल्द ही चयन किया जायेगा।

प्रश्नकाल में एक सवाल के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि पिछले दिनों आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुयी बस दुर्घटना के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गयी थी। उसकी सिफारिशों को अमल में लाया जायेगा।

अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के बार-बार अनुरोध के बावजूद सपा सदस्य शांत नहीं हुए। इसके बाद सदन की बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गयी। बैठक फिर शुरू होने पर सपा सदस्य आसन के सामने से नहीं हटे, जिसके बाद बैठक दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक स्थगित की गयी।