life story

मुंबई: अभिनेत्री प्रत्यूषा पहचान किसी से छुपी नहीं है। एक सफल अभिनेत्री की खुदकुशी से सभी सन्न हैं। प्रत्यूषा बनर्जी को सीरियल बालिका-वधू से पहचान मिली थी। इस सीरियल के जरिए आनंदी के रूप में प्रत्यूषा बनर्जी घर-घर तक पहुंच गईं। आदर्श बहू के रूप में प्रत्यूषा की चर्चा घर-घर में होने लगी। प्रत्यूषा का …

लखनऊः पढ़ाई में कमजोर सुब्रत रॉय का मन पढ़ने से ज्यादा बिजनेस करने में लगता था। एक छोटे से शहर से बिजनेस शुरू करने वाले सुब्रत ने 34 साल में दुनिया भर  में अपना कारोबार फैला लिया। जब वे घर से निकले थे तो उनके पास केवल 2000 रुपये ही थे, लेकिन आज वो 2 …

प्रिटिंग प्रेस के बिजनेस में यदि अपने पार्टनर के साथ अनबन नहीं हुई होती तो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को दादा साहब फाल्के नहीं मिलते। दादा साहब हिंदी फिल्मों के पहले निर्माता थे। उनका नाम तो धुंधीराज गोविंद फाल्के था लेकिन वह दादा साहब के नाम से मशहूर थे। करीब 72 साल पहले उनका निधन हुआ था। दादा साहब ने 1913 में पहली फीचर फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बनाई जो हिंदी में बनी पहली फिल्म थी।