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विवाह स्‍त्री और पुरुष के बीच यौन सुख और संतानोत्‍पत्ति के लिए किया गया सम्‍णैता नहीं है। विवाह मुनष्‍य जीवन का वह महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है जिसके बिनास्‍त्री या पुरुष अधूरा होता है।

प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं में बहुत से चेंजेज आते हैं। ये बदलाव शारीरिक और मानसिक दोनों रूप में होते हैं। प्रेग्नेंसी पीरियड से बाहर निकलने के बाद नवजात की तरह मां की देखभाल की भी जरूरत होती है।

आज-कल भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने शरीर का ध्यान देना भूल गए हैं । जिस वजह से उन्हें बहुत सी बिमारियां होने लगती है। ऐसी ही समस्यों में एक समस्या लिवर की भी है।

दिन- मंगलवार, तिथि- द्वादशी,नक्षत्र-कृतिका पक्ष-शुक्ल, माह-पौष,सूर्योदय-07.19, सूर्यास्त-17.35, राहुकाल-3 से 4.30बजे तक, अभिजीत- 10.46 से 1.55और 3.30  से 5.05 तक।

तिथि- एकादशी, नक्षत्र-भरणी, माह-पौष,पक्ष-शुक्ल,दिन- सोमवार, सूर्योदय-7.18, सूर्यासेत-17.35। एकादशी का व्रत है आज तो भगवान विष्णु की पूजा करना हर जातक को करना चाहिए।

माह-,पौष पक्ष-शुक्ल वार-शुक्रवार, तिथि-अष्टमी  नक्षत्र-रेवती ,सूर्योदय- 07.18 ,सूर्यास्त: 17.32। आज शुक्रवार है। आज के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें। कन्याओं को दान दें।

किसी भी रिलेशनशिप में प्यार, भरोसा जैसी जिसे बहुत ज़रूरी होती है। लेकिन अगर वही केयर आपके जी का जंजाल बन जाता है तो रिलेशनशिप खत्म होने लगता है।

आज के दिनों में वजन बढ़ने की समस्या को लेकर बहुत लोग परेशान रहते है, आज के दौर में कम उम्र के लोगों में वजन बढ़ने व मोटापा से डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

जयपुर:माह – पौष,तिथि – द्वितीया ,पक्ष – शुक्ल, वार – शनिवार,नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा ,सूर्योदय-7.12, सूर्यास्त-17.32, चौघड़िया शुभ-8.33-9.50,चर-12.23 से 13.39, लाभ-13.39 से 14.55, अमृत-14.55 से.16.12।

माह-पौष  पक्ष कृष्ण, वार- बृहस्पतिवार, तिथि-अमावस्या, नक्षत्र- ज्योष्ठा, सूर्योदय-6.21, सूर्यास्त-17.57।ग्रहण आरंभ-8.13 से सुबह , ग्रहण मध्य-9.17 और ग्रहण समाप्ति-10.56।