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जयपुर: मनुष्य की चाल कुछ न कुछ कहती है और चलने के तरीके ये बताते हैं कि आपका नेचर कैसा हैं। आप कितना पॉजीटिव सोचते हैं या कितना नेगेटिव। अगर किसी लड़कों कोई लड़का पसंद है और वो उसके बारे में जानना चाहती है तो उसके चलने स्टाइल से भी बहुत कुछ पता लगा सकती …

हाथों से भोजन करने की परंपरा प्राचीन समय से चलती रही है। कहते हैं कि हाथों से खाना खाने से आत्मा को संतुष्टि मिलता है, लेकिन अब लोग पाश्चात्य सभ्यता के चक्कर में पड़कर हाथों को छोड़ काटा-चम्मच के इस्तेमाल पर जोड़ देते हैं। वैदिक काल और विज्ञान में यह अब माना जा चुका है कि हाथों से भोजन करना हेल्थ के लिए अच्छा होता है।

कोई भी रिश्ता हो वो सिर्फ प्यार और सौहार्द से ही टिकता है। इसलिए रिश्ते में प्यार और खुशी का मिलना बहुत जरूरी होता है। सुना होगा, किसी को जादू की झप्पी देने से सारी कड़वाहट दूर हो जाती है। इसका सबसे आसान तरीका होता है हग। हग करके लोग पार्टनर या किसी खास को खुश तो करते है। रि

14 फरवरी को प्यार करने वालों का दिन माना जाता है। लेकिन ये जरुरी नहीं कि वो आपका सिर्फ हमसफर पार्टनर हो, बल्कि कोई सख्श जो आपके लिए मायने रखता है उससे प्यार का इजहार कर सकते हैं।इसमे आपकी गर्लफ्रेंड/ब्वॉयफ्रेंड तो हो सकती/सकता है।

आज युवा घरों से दूर जाकर जॉब कर रहे हैं और प्रोफेशन लाइफ में आज हर कोई बिजी है। चाहे वो गर्ल्स हो या ब्वॉयज। सब अपन घरों से दूर रहकर शहरों में नौकरियां कर रहे हैं। ऐसे में दूर देश में रहने वाले उनके साथी, उनके कलीग्स ही वहां उनके अपने होते हैं। इसमें जेंडर भी मायने नहीं रखता है।

जयपुर: शास्त्रों में कहा गया  है कि अच्छे काम के लिए बोला गया झूठ सौ सच के बराबर है। ऐसा कहा जाता है कि रिश्ता कोई भी हो वह सच की नींव पर टिका होता है। किसी भी रिश्ते की अच्छी बॉडिंग के लिए उसमें सच्चाई होना बहुत जरूरी है। झूठ की नींव पर टिका …

ठंड के मौसम में हर कोई खुद को सर्द हवाओं से बचाना चाहता है, लेकिन चिंता मत करीए इसकी वजह से आपको अपने स्टाइल से समझौता नहीं करना पड़ेगा।

सर्दी का मौसम है।  और इस समय जो सर्दी है उसमें अगर खुद का और बच्चों का ध्यान नहीं रखा जाएं तो बीमारी दस्तक देना लाजिमी है।  इसलिए सर्द हवाओं वाली सर्दी में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों प्यार से संभालने की जरूरत है

कुछ बच्चे बचपन से ही मस्त व सबसे घुलने मिलने वाले होते है तो कुछ बच्चा किसी से भी मिलने पर हिचकिचाता है, उसे अकेले रहना अच्छा लगता है और पैरेंट्स को भी लगता है कि बच्चा, बड़े होने पर समझ जाएगा, लेकिन समय बदलने के साथ ही बच्चे पर उसके भावी जीवन के बारे में तय करने और एक ऊंचाई छूने के लिए दौड़-भाग का दवाब बनने लगता है।

ऑफिस में आपका मन काम में  नहीं लगता है। आप बार-बार फोन चेक करते हैं।  कलीग्स के साथ बातें करते हैं। अक्सर खोए-खोए रहते हैं। आपके सहयोगी क्या बातें कर रहे हैं? मुमकिन है इन सवालों में से कई का जवाब हां हो औऱ इस वजह से आप अपने काम पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते होंगे। अगर ऐसा है तो बता दें