Lockdown-4

दुनियाभर में कोरोना मरीजों की संख्या 54 लाख को पार कर गई। इस वायरस से अब तक 3 लाख 43 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि 22 लाख से ज्यादा लोग स्वस्थ हो चुके हैं। भारत में पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 6654 ताजा मामले सामने आए जबकि 137 मौतें हुईं।

कोरोना वायरस की चपेट में भारत का रक्षा मंत्रालय भी आता जा रहा है। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) वाले केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल से कुल 43 नए मामले सामने आए हैं।

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने भी लॉकडाउन 4 को लेकर नए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। उद्धव सरकार ने राज्य में कुछ मामलों में थोड़ी बहुत ही छूट दी है तो वहीं रेड जोन में पहले की ही तरह सख्ती बरकरार है।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन को लेकर सभी राज्यों ने गाइडलाइन जारी कर दी है। कुछ राज्यों में लोगों को अधिक रियायतें देने का प्रयास किया गया तो कई राज्य सरकारों ने लॉकडाउन के चौथे चरण को सख्त बनाते हुए कई पाबंदियों को जारी रखा।

लॉकडाउन 4.0 के लिए मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस गाइडलाइंस के मुताबिक, अब मध्यप्रदेश में सिर्फ 2 जोन ही होंगे, ग्रीन और रेड जोन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन-4 अलग ढंग एवं अलग स्वरूप में होगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन में छूट व रियायत देने को लेकर कहा कि जब राज्य में कोरोना के मामले कम हो जाएंगे, तब किसी भी तरह की ढील दी जायेगी।

सोमवार से पूरे देश में लॉकडाउन 4.0 का आगाज हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से इस बार लॉकडाउन में काफी रियायते दी गई हैं। काफी बंदिशों में छूट दी गई है।

सोमवार से लॉकडाउन के चौथे चरण (Lockdown 4.0) की शुरूआत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन की अवधि को 2 हफ्तों तक बढ़ाकर 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है।

सोमवार से लॉकडाउन 4.0 की शुरूआत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन की अवधि को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है।

कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर जारी लॉकडाउन में नियमों के पालन के लिए बनाये गए रेड, ऑरेंज, ग्रीन जोन अब राज्य सरकारें तय करेंगी। रेड और ऑरेंज जोन में जिला प्रशासन कंटेनमेंट और बफर जोन निर्धारित करेगा।