Locust

कानपुर देहात की तहसील रसूलाबाद क्षेत्र में टिड्डियों के आते ही किसानों की फसलों पर आक्रमण कर दिया। जिससे घबराए किसान कहीं खेतों में थाली तो कहीं झाड़ू से टिड्डियों को भगाते नजर आए।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को धोखा देते हुए टिड्डी प्रंबधन को लेकर होने वाली अहम बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।

आम तौर पर देखा जाता है कि होली के मौके पर रंगों में सराबोर होलियारों की टोली देखने के लिए लोग अपने घरो से निकल आते है, लेकिन टिड्डियों की इस टोली को देखकर लोग अपने घरों में छिप जा रहे है।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बुरी खबर है। पाकिस्तान से आये टिड्डी दल का खतरा अभी टला नहीं है। टिड्डियों के दो दलों के मध्य प्रदेश की सीमा पर सक्रिय होने की पुष्टि जीपीएस मैपिंग से हुई है।

भारत में टिड्डियों का खतरा अभी टला नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने बताया कि पूर्वी अफ्रीका में उत्तर-पश्चिमी केन्या में टिड्डियों ने अंडे देना शुरू कर दिया है और कई टिड्डी दल इकट्ठा हो रहे हैं।

टिड्डी दल के यूपी में पहुंचने की खबर मिलने के बाद से किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी बढ़ गयी है। किसानों ने इस हाहाकार मचाने वाली टिड्डी दल से निपटने के लिए कमर कस ली है और खेतों में प्रशासन के द्वारा दिये गए निर्देशों के साथ चौकसी बढ़ा दी है।

देश इन दिनों टिड्डियों के हमले से काफी परेशान है। इस बार टिड्डियों का हमला ज्यादा बड़ा है। ऐसा कहा जा रहा है कि टिड्डियों के हमले से काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

सोमवार को राजधानी दिल्ली में जयपुर को प्रभावित करने वाले रेगिस्तानी टिड्डों का झुंड बढ़ सकता है। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर हवा की गति इन टिड्डियों के लिए अनुकूल रहती है तो इनका झुंड दिल्ली की ओर बढ़ सकता है।

कोरोना आपदा के बीच जिले में शुक्रवार को अचानक ही टिड्डी दल पहुंच गया। आसमान टिड्डियों से अट गया। करोड़ों की संख्या में टिड्डी देखकर लोगों में घबराहट हो गई। कई लोगों ने मकानों के आगे लगा रखे गमलों को कपड़ों से भी ढंक दिया।