lok sabha election 2019

गुजरात में बीजेपी पर्यवेक्षक लोकसभा के उम्मीदवारों का चयन करने जा रहे हैं। ऐसे में नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने और पेश करने में लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी गांधीनगर से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं। पटेल के आलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी इसी सीट से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। जबकि गांधीनगर सीट से लालकृष्ण आडवाणी सांसद हैं।

कांग्रेस ने महाराष्ट्र के लिए अपने पांच उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। इस लिस्ट में बीजेपी के पूर्व सांसद नाना पटोले को नागपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके बाद वरिष्ठ बीजेपी नेता नितिन गडकरी ने कहा कि वह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ कभी दुश्मनी नहीं रखते। गडकरी ने उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे नाना पटोले को शुभकामनाएं दी।

लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के बाद से ही देश में चुनावी हलचल तेज हो गई है। अब खबर है कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी अपनी परंपरागत पीलीभीत लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं। तो वहीं उत्तर प्रदेश में बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी कई वर्तमान सांसदों के टिकट काटने जा रही है।

सपा बसपा गठबंधन का एलान भले ही 12 जनवरी को हुआ हो लेकिन जनता पहले से ही इस बात को समझ रही थी कि मायावती और अखिलेश एक हो चुके हैं क्योंकि जब न्यूजट्रैक और अपना भारत ने 15 दिसंबर से दस जनवरी के बीच उत्तर प्रदेश के अलग अलग इलाकों के दस लोकसभा क्षेत्रों में रायशुमारी की तो ज्यादातर लोग सपा बसपा गठबंधन की ही बातें कर रहे थे।

लखनऊ/मेरठ: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्वयंसेवक समागम रविवार (25 फरवरी) को मेरठ में शुरू हो गया। समागम को इसलिए बड़ा कहा जा रहा है क्योंकि इसके लिए तीन लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। समागम का मकसद 2019 के आम चुनावों के लिए जनता …

नई दिल्ली : इतिहासकारों का मानना है कि संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ वर्ष 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव की भेंट चढ़ गई है। चुनाव में राजपूत वोटों की चाहत में फिल्म को बलि का बकरा बनाया गया। देश के एक जाने-माने इतिहासकार ने पहले ‘पद्मावती’ और उसके बाद ‘पद्मावत’ पर हुए फसाद पर …

भोपाल : लोकसभा चुनाव के लिए एक वर्ष का वक्त शेष है, लेकिन आरएसएस ने बीजेपी की जीत के लिए चुनावी बिसात पर चालें चलना शुरू कर दी हैं। संघ की नजर समाज के उपेक्षित, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग पर है और इसके लिए उसने एक कार्ययोजना भी बना ली है। गुजरात विधानसभा के चुनाव नतीजों …