loksabha election 2019

इम्फाल में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दावा किया था कि कोई भी संविधान के अनुच्छेद 370 के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता, यह एक ऐसी धारणा है जिससे पाकिस्तान भी सहमति रखता है।

लोकसभा चुनाव को देखते हुए गठबंधन का फोकस सहारनपुर के देवबंद की रैली में पश्चिमी यूपी में दलित-मुस्लिम कार्ड पर सीमित रहा। माया,अखिलेश और अजीत इस समीकरण में फायदा देख रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित महासमुंद लोकसभा सीट में इस बार जातीय समीकरण और मोदी प्रभाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। राजधानी रायपुर से पूर्व की तरफ आगे बढ़ें तब भगवान राजीव लोचन की नगरी राजिम है।

कांग्रेस ने आज यहां वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का समर्थन करने की घोषणा कर वेस्ट यूपी के ज्वलंत मुद्दों को हवा दे दी है। यहां गौरतलब है कि बसपा सुप्रीमों तो फिर भी वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का समर्थन कर चुकी हैं।

प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के हो रहे चुनाव के पहले चरण में हो रहे चुनाव में दो दर्जन प्रत्याशी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं जबकि कई प्रत्याशी ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। सबसे ज्यादा सम्पत्ति बिजनौर के एक प्रत्याशी मालूक नागर की है। जिन्हे बहुजन समाज पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है।

लोकसभा चुनाव 2019 के पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताएं जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मतदाता सर्वेक्षण कराया। यह सर्वेक्षण, अक्टूबर 2018 और दिसंबर 2018 के बीच किया गया।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर 213(17%) प्रत्याशी दागी हैं, इन पर कोई न कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज है। वहीं, 146 यानी 12% प्रत्याशी गंभीर अपराध के आरोपी हैं। साथ ही 401 उम्मीदवार(32%) उम्मीदवार करोड़पति हैं।

फिल्म जगत में 'निरहुआ' के नाम से मशहूर यादव उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। उनका कहना है कि अखिलेश 'भैया' के खिलाफ उनकी लड़ाई दरअसल विचारों की जंग है। उन्हें विश्वास है कि वह इसमें जीत हासिल करेंगे।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने शनिवार को शत्रुघन सिन्हा के कांग्रेस में जाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी बदलना बेइमानी की राजनीति है। कुमार ने सिन्हा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री सुखराम के भी कांग्रेस में शामिल होने पर उनकी आलोचना की।

सोनिया ने कांग्रेस के कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान सरकार असहमति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब अपनी आस्था पर कायम रहने वालों पर हमले होते हैं तो ये सरकार मुंह मोड़ लेती है।