lucknow district court

इन हालात पर श्री पांडे ने लिखा कि न्यायालय परिसर में पूर्णतया सैनिटाइजेशन नहीं हो पा रहा है, ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो पा रहा है। उपरोक्त परिस्थितियों में न्यायालय का कार्य बड़े वर्ग के लिए प्राण घातक हो सकता है।

जमानत प्रार्थना पत्रों का निस्तारण शीघ्र हो यदि थानों से कमेंट्स या रिपोर्ट्स समय से नहीं आती है तो उस पर जमानत आदेश पारित कर दिया जाए तथा संबंधित विवेचक के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की जाए जिससे समाज में न्यायपालिका की निष्पक्षता बनी रहे।