lunar eclipse

चंद्र ग्रहण अपराह्न 1:04 बजे से लेकर शाम 5:22 बजे तक चलेगा। लेकिन इस ग्रहण का कोई धार्मिक महत्व नहीं है इसी लिए काशी पंचांग में इस ग्रहण का कोई जिक्र ही नहीं किया गया है। ज्योतिष में भी ऐसे ग्रहण का कोई महत्व नहीं होता है। इसका कोई असर नहीं होता

अगर चंद्र ग्रहण के समय की बात करें, तो यह चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को दोपहर के 1:04 मिनट से लेकर शाम के 5:22 मिनट तक लगा रहेंगा। यह ग्रहण लगभग चार घंटे तक लगा रहेगा। वहीं सूतक काल ग्रहण के नौ घंटे पहले लग जाएगा। बता दें कि यह ग्रहण कार्तिक गुरू पूर्णिमा दिन पड़ रहा है।

ज्योतिष विद्या के जानकारों के मुताबिक साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भारत में नहीं नजर आयेगा। इसलिए सूतक काल भी यहां पर मान्य नहीं होगा। बता दें कि ग्रहण से पहले के समय को सूतक काल कहते हैं।

पृथ्वी के जिस हिस्से मे यह दिखेगा वहा भी चन्द्रमा के आकार मे कोई परिवर्तन नही होगा, केवल चन्द्रमा की छवि धुँधली हो जाएगी।

5 जुलाई को चंद्रग्रहण पड़ रहा है। जुलाई माह के पूर्णिमा को बक मून, थंडर मून, वर्ट मून, हेय मून कहा जाता है । किन्तु यह चन्द्र ग्रहण की घटना दिन के समय घटित होगी इससे ये घटना भारत वर्ष में नहीं देखी जा सकेगी ।

आने वाली 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और चंद्रग्रहण लगने जा रहा हैं। इस चंद्रग्रहण का महत्व इसलिए और बढ़ जाता हैं क्योंकि इस दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व हैं। लेकिन यह चंद्रग्रहण उपछाया हैं

 5 जुलाई 2020 को इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण होगा। इससे पहले 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा था। 30 दिन के अंदर ये तीसरा और साल का चौथा ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक माह में दो या इससे अधिक ग्रहण को शुभ नहीं होते है। इस साल 6 ग्रहण लग रहे हैं।

5 जून को ज्येष्ठ की मास की पूर्णिमा है ।इस दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण 5 जून को रात 11 बजकर 15 मिनट पर लगेगा जो 6 जून की सुबह 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म होगा। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव हर राशि पर पड़ता है।

आज यानि शुक्रवार को पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस साल कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं जिसमें 2 सूर्य ग्रहण और 4 चंद्र ग्रहण है। पहला चंद्र ग्रहण यह ग्रहण रात 10 बजकर 37 मिनट से लेकर 11 जनवरी को देर रात 2 बजकर 42 मिनट तक बना रहेगा।