maa durga

देवी आराधना का महापर्व चैत्र नवरात्रि 25 मार्च, बुधवार से शुरू हो रहा है। इन 9 दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 4 नवरात्रि आती है, इनमें से 2 प्रकट और 2 गुप्त होती है। ये चारों ही नवरात्रि ऋतुओं के संधिकाल पर आती हैं। जो लोग सोच रहे है कि कोरोना के चलते देवी मां के दर्शन संभव

ध्याचल की पहाड़ियों में गंगा की धारा के बीच विंध्यधाम एक ऐसी जागृत शक्तिपीठ है जिसका अस्तित्व सृष्टि आरंभ होने से पूर्व और प्रलय के बाद भी रहेगा।

नवरात्रि एक लोकप्रिय पर्व है। ये पूरे देश में अनेक रूपों में मनाया जाता है। नौ दिनों तक देवी के अनके रुपों की पूजा की जाती है।  (दुर्गा, काली या वैष्णोदेवी) के भक्त नवरात्रि की अष्टमी या नवमी को छोटी कन्याओं(लड़कियों) की पूजा करते हैं। कन्या पूजन में देवी के नौ रूपों की पूजा होती है। छोटी लड़कियों की पूजा करने के पीछे बहुत सरल कारण छिपा है।

वैसे तो पूरे देश में नवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन कोलकाता के दुर्गा पूजा की बात ही खास है। यहां का दुर्गा पूजा, मां दुर्गा की मूर्ति, व पूजा पंडाल सब खास होता है। जिसे देखने लोग देश-विदेश से आते है।

‘रविवार 29 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन माता कैलाश पर्वत से धरती पर अपने मायके आती हैं। 28 सितंबर को शनि अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा। फिर मां दुर्गा के आगमन की तैयारी शुरू हो जाएगी। इस बार 29 सितंबर, रविवार से शारदीय …

देवाधिदेव शंकर के इस अपमान से लज्जित होकर गौरा देवी इस यज्ञ के दौरान सती हो गई थी और भगवान शंकर उनके पार्थिव शरीर को ही गोद में उठा कर तीनों लोकों का भ्रमण कर रहे थे। तब भगवान विष्णु ने भगवान शंकर का मां गौरी से ध्यान हटाने के लिए अपने सुदर्शन चक्र से मां गौरी के पार्थिव शरीर के टुकड़े कर दिया था।

जयपुर: चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रत्येक तिथि का धर्मशास्त्रों में  विशेष महत्व है। इसकी प्रतिपदा से चैत नवरात्रि शुरू होती है। इस दौरान  नवरात्रि के साथ रामनवमी होने से महत्व दोगुना हो जाता है। कहा गया है कि त्रेता युग में इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्म राम का जन्म हुआ था। रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ और …

जयपुर:नवरात्रि एक लोकप्रिय पर्व है। ये पूरे देश में अनेक रूपों में मनाया जाता है। नौ दिनों तक देवी के अनके रुपों की पूजा की जाती है।  (दुर्गा, काली या वैष्णोदेवी) के भक्त नवरात्रि की अष्टमी या नवमी को छोटी कन्याओं(लड़कियों) की पूजा करते हैं। कन्या पूजन में देवी के नौ रूपों की पूजा होती …

नवरात्र में माँ की आराधना के लिये मंदिरों में भक्तों की कतार तो लगी ही रहती हैं। वहीं प्रदेश में एक मंदिर ऐसा भी हैं, जो सिर्फ नवरात्र के आखिरी तीन दिन ही खुलता हैं।