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जगन्नाथ को भगवान विष्णु का अवतार मान गया है। रथ यात्रा इस महीने आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 4 जुलाई 2019 को है।रथयात्रा में नारायण या शालीग्राम की पूजा और आरती का भी विधान है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की पूजा में भोग भी विशेष महत्व है। चाहें तो रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ को भोग के लिए नारियल भी चढ़ा सकते हैं।

यहां बनाया जाने वाला हर पकवान हिंदू धर्म पुस्तकों के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही बनाया जाता है। भगवान जगन्नाथ के लिए तैयार किया गया भोग पूरी तरह शाकाहारी होता है। भोग में किसी भी रूप में प्याज और लहसुन का भी प्रयोग नहीं किया जाता। भोग बनाने के लिए मिट्टी के बर्तनों का उपयोग किया जाता है।

जयपुर.:भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभ आरंभ आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को होता है। भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा पूरे में प्रसिद्ध है। इस महीने भगवान जगन्नाथ की यात्रा 14 जुलाई 2018 से शुरू हो रही है।जगन्नाथ मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण यहां का रसोई है। यह रसोई विश्व की सबसे बड़ी रसोई के रूप …

जयपुर: रथयात्रा के पूजा में भगवान जगन्नाथ जी की पूजा और आरती का विशेष महत्व है। जगन्नाथ को भगवान विष्णु का अवतार मान गया है। रथ यात्रा इस महीने आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 14 जुलाई 2018 को है।रथयात्रा में नारायण या शालीग्राम की पूजा और आरती का भी विधान है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की …