mahatma gandhi

मृतसर रेलवे स्टेशन पर प्रशासन की ओर से लगवाए गए एक शिलालेख से पता चलता है कि इस अधिवेशन में गुजरात में हुए दंगे व दक्षिण अफ्रीका के लिए जहां प्रस्ताव पारित किए गए, वहीं जलियावाला बाग हत्याकाड की भ‌र्त्सना की गई।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को आज ही के दिन सजा-ए-मौत दी गई थी। नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी, 1948 को राष्ट्रपिता गांधी को गोली मार दी। ये वही नाथूराम था जो कभी गांधी से प्रभावित था।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि गांधीजी की विरासत के बहाने अपनी सियासत चमकाने में भाजपा ने सभी नैतिक मूल्यों को तिलांजलि दे दी है। सपा मुखिया ने कहा कि गांधी जी की स्वदेशी धारा को जितना आघात भाजपा शासन में मिला है।

भारत के महान क्रांतिकारी और हिंदू महासभा के संस्थापक विनायक दामोदर सावरकर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। वे एक, इतिहासकार, समाज सुधारक, विचारक, चिंतक, साहित्यकार भी थे। उनका सम्पूर्ण जीवन स्वराज्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष करते हुए बीता।

महात्मा गांधी एक सच्चे समाजसेवी थे। सेवा भाव को इन्होने सदैव व्यापक अर्थों में लिया और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया | सामाजिक बुराइयों के उन्नमूलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई आज पूरी दुनिया गांधी जी के दिखाए रास्ते पर चलना चाहती है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आयोजित विशेष सत्र में विधान परिषद में जहां विपक्षी दल सपा, बसपा और कांग्रेस ने सत्र का बहिष्कार किया तो वही सत्तारूढ़ दल के साथ अपना दल, शिक्षक दल व निर्दलीय समूह के सदस्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धाजंलि दी।

विधानपरिषद के विशेष सत्र में भाग न लेने पर अपनी सफाई देते हुए कांग्रेस के नेता दीपक सिंह ने आज कहा कि इस सत्र को ऐसी विचार धारा के तहत संचालित किया जा रहा है जो गांधी जी के विचारों को नहीं मानती है।

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा... अल्लामा इक़बाल की इन लाइनों को आज तक प्रासंगिक बनाये रखने के एक सूत्र, स्तंभ महात्मा गांधी भी हैं। गांधी के सौ साल पहले और उनके समकालीनों में कोई ऐसा विचारक, चिंतक, दार्शनिक, सिद्धांतकार, राजनेता, प्रेरणा पुरुष या शख्स नहीं हुआ है।