mahatma gandhi

आज 2 अक्टूबर है। पूरी दुनिया आज इस खास दिन को महात्मा गांधी (बापू) की 150 वीं जयंती के तौर पर मना रही है। इस मौके पर हम आपको गांधी जी की हत्या में इस्तेमाल की गई उस कार के बारे में बता रहे हैं।

भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा है कि भाजपा के लोग महात्मा गांधी को अपनाने की कोशिश इसलिए कर रहे है, क्योंकि इसके पीछे उनके तमाम बुरे काम छिपे है।

आज 2 अक्टूबर गांधी जयंती है। बापू की 150वीं जयंती पर आज दुनियाभर में कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। इस अवसर पर दुर्लभ तस्वीरों में देखें महात्मा गांधी का जीवन की कुछ अनदेखी तस्वीरें, जिन्हें शायद कभी नहीं देखा होगा। 

नाथूराम के तर्कों के साथ समस्याएं थीं। मसलन, उसकी सोच थी कि गांधी देश के बंटवारे के प्रति उत्साहित थे, जबकि इतिहास के मुताबिक मामला बिलकुल उल्टा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस में गांधी तानाशाह थे, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के अंदर अपनी बात मनवाने के

हम महात्मा गांधी के आविर्भाव का 150 वां वर्ष मनाने जा रहे हैं, यह वर्ष उनकी मुख्य रचना हिंद स्वराज के लेखन का सौवां वर्ष भी है। यही नहीं वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र ने गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय पर्व के रूप में मना कर प्रारंभ कर दिया है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज यहां अवध शिल्प ग्राम में आयोजित महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समापन समारोह के अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुये कहा कि महात्मा गांधी ने समाज के उत्थान के लिये स्वावलम्बन और स्वच्छता पर विशेष कार्य किया।

ये कुछ उदाहरण ऐसे हैं जो यह बताते हैं कि गांधी का जुनून, उनके संघर्ष के सबक आज भी हमारे आपके सबके भीतर जिंदा हैं जरूरत है बस अपने आसपास किसी ऐसे अभिनव, प्रेरक व सार्थक प्रयास की। जो देश व समाज को नवप्रेरणा से भर दे।

उत्तर प्रदेश के जालौन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को कुछ असमाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। यह प्रतिमा गांधी इंटर कॉलेज में स्थापित थी। मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को शरारती तत्वों ने बापू की प्रतिमा को इतनी बुरी तोड़ा है कि प्रतिमा से महात्मा गांधी का सिर टूटकर अलग हो गया।

दोस्तों क्या आप एक ऐसे योद्धा के बारे में जानते हैं जिसने कभी कोई हथियार नहीं उठाया। लेकिन उसके कदमों में तमाम दुर्दांत डकैतों ने अपने हथियार लाकर रख दिये और डकैती के काम से तौबा कर ली।