Makar Sankranti

देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों खास मकर संक्रांति पर कई तरह के मेले लगते हैं, लेकिन यहां उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लगने वाले एक अनोखे मेले के बारे में बता रहे हैं। मकर संक्रांति के मौके पर लगने वाले इस मेले को आसपास के इलाके में ‘आशिकों का मेला’ के नाम से जाना जाता है। बांदा जिले में केन नदी के किनारे स्थित है भूरागढ़ किला।

मकर संक्रान्ति पर गोरखनाथ पीठ के महंत और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस पर्व की शुरुआत नेपाल के राजा की खिचड़ी चढ़ाकर की।

मकर संक्रांति हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है लेकिन इस साल देशभर में 15 जनवरी को मनाया जायेगा। 15 जनवरी इसलिए क्योंकि देर रात 2.07 मिनट को सूर्य मकर राशि में आगमन करने वाला है। इसलिए शास्त्र नियम के अनुसार मध्यरात्रि में संक्रांति होने के वजह से पुण्य काल अगले दिन पर होता हैं।

मकर संक्रांति  का त्योहार मुख्य रूप से भगवान सूर्य को समर्पित है। कहते हैं कि सूर्य देव सभी देवों में प्रमुख स्थान रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो सूर्य सभी ग्रहों के पिता हैं।इसलिए ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह को विशेष महत्व प्रदान किया गया है।

तडक़े तीन बजे मंदिर का कपाट खुलते ही विधिवत पूजन अर्चन के साथ वह बाबा गोरखनाथ पहली खिचड़ी चढ़ाएंगे। साथ ही देश एवं प्रदेश की सुख, समृद्धि और शांति की मन्नत भी मांगेगे। तुरंत बाद नेपाल के राजा की ओर से आयी खिचड़ी चढ़ेगी।

राजनीति की पिच पर तेजप्रताप यादव अपने अर्जुन यानी बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से भले ही पिछेहों, लेकिन डिजिटल की रेस में वो भाई से चार कदम आगे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर के बाद तेजप्रताप अब अपनी वेबसाइट लॉन्च करने वाले हैं।

राज्यपाल ने सर्वधर्म सम्मेलन में आये हुए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन होते हुए भी पहले भारतीय हैं। वसुधैव कुटुम्बकम का लघु चित्र इस कार्यक्रम में देखने को मिल रहा है, यही सन्देश ऐसे उत्सव के माध्यम से पूरे विश्व में जाता है। इस समय का खिचड़ी भोज कार्यक्रम नया रूप लेकर उत्तर प्रदेश आ रहा है।

वहीं जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी का कहना है कि स्वच्छता को लेकर बड़ी मुहिम चलाई जा रही है। इसमे लापरवाही बरतने वालो के खिताब कार्यवाई की जाएगी। जरूरी नही है कि भंडारे मे थर्माकोल की प्लेटों का इस्तेमाल किया जाए।

मकर संक्रांति के अवसर पर सीएम और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई। आपको बता दें, मठ में खिचड़ी चढ़ाने की मान्यता सदियों से चली आ रही है। मठ की खिचड़ी चढ़ने के बाद नेपाल नरेश की भेजी खिचड़ी चढ़ती है। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए बाबा का दरबार खोला जाता है। 

जयपुर: मकर संक्रांति  का त्योहार मुख्य रूप से भगवान सूर्य को समर्पित है। कहते हैं कि सूर्य देव सभी देवों में प्रमुख स्थान रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो सूर्य सभी ग्रहों के पिता हैं।इसलिए ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह को विशेष महत्व प्रदान किया गया है। हमारे धर्म शास्त्रों में ऐसा वर्णन मिलता …